Diwali 2024: यूपी के बाजारों में पटाखों का विकल्प खोजने के चक्कर में लोग अब विस्फोटक उपकरण बनाने का नया तरीका अपना रहे हैं। किराना स्टोर और पंसारियों की दुकानों पर गंधक और पोटाश जैसे विस्फोटक पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं। लोग इनका इस्तेमाल पाइप और सरिया के साथ मिलाकर धमाका उपकरण बनाने में कर रहे हैं। यह प्रक्रिया न केवल खतरनाक है बल्कि प्रशासन की नजरअंदाजी का एक बड़ा उदाहरण भी है। हालाँकि, गंधक और पोटाश बिना अनुमति के नहीं बेचा जा सकता, और इस प्रकार का उपकरण अवैध है। फिर भी, इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
वेल्डिंग दुकानों में अवैध उपकरण का निर्माण
दरअसल, वेल्डिंग दुकानों पर अवैध धमाका उपकरणों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें एक पाइप के अंदर सरिया और गंधक-पोटाश के मिश्रण को भरकर उसे उपयोग के लिए तैयार किया जाता है। दुकानदार इस उपकरण को तैयार करने के लिए लोगों से 500 रुपये तक वसूल रहे हैं। ऐसे उपकरण बनाने की वजह से न केवल दुकानदारों का व्यवसाय सवालों के घेरे में है, बल्कि वे स्थानीय निवासियों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
धमाका करने की प्रक्रिया और स्वास्थ्य पर असर
इस उपकरण के निर्माण में एक लोहे के पाइप में सरिया डाला जाता है, और उसके निचले हिस्से में एक छेद के माध्यम से गंधक-पोटाश का मिश्रण डाला जाता है। इसके बाद पाइप में सरिया से दबाव डालते ही मिश्रण के ऊपर एक तेज धमाका होता है। धमाके के साथ ही धुआं निकलता है जो आंखों में जलन पैदा करने के साथ-साथ सांस लेने में दिक्कत भी करता है। यह धुआं पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इसे इस्तेमाल करने वाले लोगों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
संभावित खतरों की गंभीरता
इस अवैध गतिविधि से बड़े हादसों का खतरा बढ़ गया है। अगर यह विस्फोटक उपकरण गलती से फट जाए, तो इसके आसपास के लोगों को गंभीर चोटें आ सकती हैं, और संपत्ति को भी भारी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, इस उपकरण का उपयोग अराजकता फैलाने के लिए भी किया जा सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत
आपको बता दें कि गंधक और पोटाश जैसे विस्फोटक पदार्थ बिना अनुमति के बेचना कानूनन अपराध है। वैसे तो प्रशासन ने इस अवैध गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। लेकिन इसके बावजूद, प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और बाजारों में हो रहे अवैध उपकरण निर्माण पर सख्त नियंत्रण लगाए।
इस तरह के धमाका उपकरणों का निर्माण और उपयोग लगभग हर शहर के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा उत्पन्न कर रहा है। प्रशासन की सख्त कार्रवाई और जनता में जागरूकता बढ़ाने से ही इस समस्या का समाधान हो सकता है।