Terror Attack: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुवार को एक पैसेंजर वैन पर हुए हमले में 50 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। घटना कुर्रम घाटी की है, जहां वैन पेशावर से कुर्रम जा रही थी। तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे आतंकियों ने वैन पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस बर्बर हमले ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
लगातार हो रहे हमलों से बढ़ी अशांति
बताते चलें कि इससे पहले, मंगलवार रात खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में भी सेना की चेक पोस्ट पर आत्मघाती हमला हुआ था। इस हमले में 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि 6 आतंकी भी मारे गए थे। सेना के मुताबिक, आतंकियों ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी चेक पोस्ट की दीवार में टकराकर ब्लास्ट किया था।
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बलूचिस्तान में भी हिंसा की लहर
वहीं, पांच दिन पहले बलूचिस्तान में सेना की एक पोस्ट पर हमला हुआ था, जिसमें 7 सैनिकों की मौत और 15 के घायल होने की पुष्टि हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में 40-50 विद्रोही शामिल थे।
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क्वेटा रेलवे स्टेशन पर धमाके में 26 मौतें
उधर, 9 नवंबर को क्वेटा रेलवे स्टेशन पर एक आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 26 लोग मारे गए और 50 से अधिक घायल हुए। BLA ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। मजीद ब्रिगेड यूनिट द्वारा किए गए इस हमले का निशाना इन्फैंट्री स्कूल के सैनिक थे।
निरंतर हिंसा से हालात चिंताजनक
पाकिस्तान के पश्चिमी प्रांतों में लगातार हो रही हिंसा और हमलों ने सुरक्षा की स्थिति को गंभीर बना दिया है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी गतिविधियों का बढ़ना न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंताओं को जन्म दे रहा है।
सरकार और सेना की स्थिति सवालों के घेरे में
जानकारों की मानें तो लगातार हमलों के बीच पाकिस्तानी सरकार और सेना की सुरक्षा नीति सवालों के घेरे में है। इन घटनाओं ने न केवल नागरिकों की जान-माल को खतरे में डाला है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सरकार की कमजोरी को भी उजागर किया है।