UP News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के बहुचर्चित बिटिया कांड में पीड़ित परिवार ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को सामने रखा। 14 सितंबर 2020 की दर्दनाक घटना के बाद भी परिवार को न्याय और सरकार की मदद का इंतजार है। राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से बंद कमरे में बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरे ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में फिर से हलचल मचा दी है।
पीड़ित परिवार से राहुल गांधी की मुलाकात
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार यानी आज, हाथरस के बुलगढ़ी गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ 45 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत की। इस दौरान किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार ने राहुल गांधी से अपनी शिकायतें साझा कीं, जिनमें मुख्य रूप से एसडीएम की भूमिका पर सवाल उठाए गए।
राहुल गांधी ने शिकायत पर तत्काल एसडीएम को तलब किया, लेकिन एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचे। इसके बाद राहुल गांधी ने उन्हें फोन के जरिए बात कराई। मुलाकात के बाद राहुल गांधी बिना मीडिया से बात किए निकल गए।
पीड़ित परिवार की समस्याएं
पीड़ित परिवार ने राहुल गांधी को एक पत्र सौंपा था, जिसमें उन्होंने अपनी व्यथा बताई। परिवार ने आरोप लगाया कि:
- उन्हें सरकार की ओर से आवास और नौकरी का जो वादा किया गया था, वह अब तक पूरा नहीं हुआ है।
- परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा के कारण ‘कैद’ जैसा महसूस हो रहा है।
- उनकी बेटियों की शिक्षा और परिवार की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
- परिवार ने यह भी कहा कि चार साल बाद भी उन्हें न्याय का इंतजार है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का तीखा हमला
राहुल गांधी के इस दौरे पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी हताशा के शिकार हैं। हाथरस मामले की जांच सीबीआई ने कर ली है और मामला अदालत में है। यूपी आज कानून-व्यवस्था और विकास के मामले में देश में अग्रणी है। राहुल गांधी उत्तर प्रदेश को अराजकता में झोंकना चाहते हैं।”
2020 की घटना और न्याय प्रक्रिया
14 सितंबर 2020 को हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र के बुलगढ़ी गांव में दलित युवती के साथ गैंगरेप और हिंसा की घटना सामने आई थी। 29 सितंबर 2020 को पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके बाद यूपी पुलिस पर सवाल उठे जब उन्होंने परिवार की अनुमति के बिना युवती का अंतिम संस्कार रात में कर दिया।
सीबीआई ने इस मामले की जांच करते हुए चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। 2023 में विशेष न्यायालय ने चार आरोपियों में से तीन को बरी कर दिया और एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। परिवार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
परिवार की मौजूदा स्थिति
परिवार ने बताया कि घटना के बाद से वे मानसिक और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उन्हें आज तक वादा किए गए सरकारी आवास और नौकरी नहीं मिली है। सीआरपीएफ सुरक्षा के कारण परिवार गांव के बाहर रह रहा है, लेकिन उनकी स्वतंत्रता और आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
राहुल गांधी के दौरे का प्रभाव
राहुल गांधी के दौरे ने इस बहुचर्चित मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। उनके दौरे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। हालांकि, राजनीतिक बयानबाजी और परिवार की समस्याओं के समाधान के बीच, इस दौरे का असली प्रभाव आने वाले दिनों में ही देखा जाएगा।
Report -: Sunil Kumar