UP News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के अटरिया थाना क्षेत्र में ‘घर वापसी’ का एक अनोखा मामला सामने आया है। राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना के तत्वावधान में वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन-पूजन के साथ एक युवक ने हिंदू धर्म में वापसी की। फकरुद्दीन नाम के युवक ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की खबरों से प्रभावित होकर यह कदम उठाया और हिंदू धर्म अपनाने के बाद अपना नाम फतेह बहादुर सिंह रख लिया।
बांग्लादेश के अत्याचारों से जागा सनातन प्रेम
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भारत में गहरी चिंता और आक्रोश है। इन घटनाओं से प्रभावित होकर अटरिया थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ी निवासी फकरुद्दीन ने हिंदू धर्म में लौटने का निर्णय लिया। राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिंदू ने बताया कि फकरुद्दीन इन खबरों को सुनकर हिंदू संगठनों के संपर्क में आए और ‘घर वापसी’ की इच्छा जताई।
काली पीठ मंदिर में हुआ ‘घर वापसी’ संस्कार
सीतापुर के काली पीठ मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज के साथ घर वापसी का आयोजन किया गया।
- फकरुद्दीन का मुंडन संस्कार कराया गया।
- हवन-पूजन के साथ मंत्रोच्चारण हुआ।
- इसके बाद फकरुद्दीन ने अपना नाम बदलकर फतेह बहादुर सिंह रख लिया।
- कार्यक्रम के दौरान हिंदू शेर सेना के कार्यकर्ताओं ने इसे सनातन धर्म की ओर लौटने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
‘बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा देख विचलित हुआ’: फतेह बहादुर सिंह

फतेह बहादुर सिंह (पूर्व में फकरुद्दीन) ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की खबरें देख मन विचलित हो गया। सनातन धर्म के प्रति मेरा प्रेम जागा और मैंने ‘घर वापसी’ का फैसला लिया।”
परिवार की नाराजगी, दूरी बनाए हुए परिजन
हालांकि, इस आयोजन में फतेह बहादुर सिंह के परिवार के लोग शामिल नहीं हुए। परिवारवालों ने इस फैसले से दूरी बनाए रखी है और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना का दावा
राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना के अध्यक्ष विकास हिंदू ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के चलते भारत में बड़ी संख्या में लोग ‘घर वापसी’ की इच्छा जता रहे हैं। उन्होंने कहा:
“बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति चिंताजनक है। इसका असर भारत के कई लोगों पर पड़ रहा है, जो अपनी जड़ों की ओर लौटने का मन बना रहे हैं। हमारा संगठन ऐसे लोगों की पूरी मदद करता है।”
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार: भारत में आक्रोश
बांग्लादेश में हाल ही के दिनों में हिंदू समुदाय पर हमले, मंदिरों को नुकसान पहुंचाने और धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं। भारत में इन घटनाओं को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इन घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सतर्कता
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन सतर्क है। अटरिया थाना क्षेत्र की पुलिस इस मामले पर नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
निष्कर्ष
सीतापुर की इस घटना को बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न के प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना इसे अपने ‘घर वापसी’ अभियान की सफलता बता रही है। वहीं, यह घटना देश में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बढ़ती चर्चा का एक और उदाहरण बन गई है।