3

Recent News

CJP Protest से पहले हाई अलर्ट पर Delhi! मेट्रो स्टेशन, बस, ट्रेनों से सड़कों तक; जानिए कहां क्या बंद और क्या खुला?

CJP Protest: दिल्ली में शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के…

UP Rajya Sabha Election: सभी 10 सीटों पर बिना वोटिंग जीते उम्मीदवार, जानिए क्यों नहीं हुआ मतदान?

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय जनता…

Delhi Protest: दिल्ली की गलियों में पुलिस का लाउडस्पीकर से ऐलान - "अपने बच्चों और पड़ोसियों को समझा दें, वरना.."

Delhi Protest: दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलग-अलग इलाकों में लाउडस्पीकर से ऐलान कर…

UP Crime: 15 साल की किशोरी के साथ शफीक-भूरा ने किया गैंगरेप! फिर नहर में फेंका, 2 घंटे जिंदगी और मौत से लड़ी..

UP Crime: बुलंदशहर में 15 साल की एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में धकेलने का गंभीर…

India Israel Friendship: भारतीय पायलट 'Smit Machchhar' को मिलेगा इजरायल का नागरिक वीरता पुरस्कार..

India Israel Friendship: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को इजरायल नागरिक वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेगा। 30 सितंबर 2026 को…

3

Recent News

CJP Protest: दिल्ली में शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के…

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय जनता…

Delhi Protest: दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलग-अलग इलाकों में लाउडस्पीकर से ऐलान कर…

UP Crime: बुलंदशहर में 15 साल की एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में धकेलने का गंभीर…

India Israel Friendship: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को इजरायल नागरिक वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेगा। 30 सितंबर 2026 को…

Breaking News

एक माँ की तेंदुए से जंग: 6 वर्षीय बेटे को ऐसे बचाया

एक माँ की तेंदुए से जंग: 6 वर्षीय बेटे को मौत के पंजों से खींच लाई मां, खेत में गूंजी बहादुरी की गाथा

जब मातृत्व ने तोड़ दी डर की दीवार

कहते हैं कि माँ का प्यार और उसकी हिम्मत दुनिया के किसी भी डर से बड़ी होती है। बहराइच जनपद के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत आम्बा में एक शांत-से गाँव में यह बात सच साबित हो गई, जब एक निडर मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना खूंखार तेंदुए से भिड़कर अपने छह वर्षीय बेटे की जिंदगी बचा ली। यह घटना न सिर्फ साहस की मिसाल है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों के खतरे पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। खेत में गन्ने के पत्तों की सरसराहट और अचानक हुई दहाड़ ने पलों में खुशियों को चीखों में बदल दिया—लेकिन एक मां के अडिग हौसले ने मौत के पंजों से जिंदगी खींच ली।

एक माँ की तेंदुए से जंग: खेलते-खेलते मौत से सामना

घटना उस समय की है जब महिला अपने बच्चों के साथ खेत के पास काम कर रही थी और 6 वर्षीय बेटा गन्ने की खेड़ के किनारे खेल रहा था। अचानक झाड़ियों से निकलकर एक तेंदुआ बिजली की गति से बच्चे पर टूट पड़ा। उसका भारी-भरकम शरीर और नुकीले पंजे बच्चे की कोमल देह पर गहरे घाव छोड़ रहे थे। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई—लेकिन मां के कदम पीछे नहीं हटे।

माँ की बहादुरी: निडर होकर किया सीधा मुकाबला

अधिकांश लोग ऐसे समय पर भाग जाते, लेकिन इस मां ने बिना देर किए तेंदुए की ओर छलांग लगा दी। उसने अपने नंगे हाथों और पास पड़ी लकड़ी से तेंदुए पर वार किया। तेंदुआ भी पलटवार करता रहा, लेकिन मां के चेहरे पर न डर था न हार मानने की कोई झलक। यह संघर्ष कुछ ही मिनट चला, लेकिन उन मिनटों में मां का साहस मानो लोहे से भी ज्यादा कठोर हो गया था।

छोटे बेटे की हिम्मत: निर्णायक वार

संघर्ष के दौरान मां के छोटे बेटे ने भी साहस दिखाया। उसने पास पड़ी मोटी लकड़ी उठाई और तेंदुए के पैर पर जोर से मारा। यह वार तेंदुए के लिए चौंकाने वाला था। घायल होते ही वह बच्चे को छोड़कर गन्ने की खेड़ में भाग गया। इस तरह मां और बेटे की जुगलबंदी ने 6 वर्षीय मासूम को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।

एक माँ की तेंदुए से जंग: इलाज और गांव में दहशत का माहौल

बच्चे को तुरंत निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां उसकी पीठ और पेट के गहरे घावों का इलाज किया जा रहा है । हालांकि डॉक्टरों ने बताया कि समय रहते बच्चे को बचा लिया गया, वरना हालात गंभीर हो सकते थे। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई है। लोग अपने बच्चों को खेतों और झाड़ियों के पास जाने से रोक रहे हैं।

एक माँ की तेंदुए से जंग: पहले भी हो चुका हमला

ग्रामीणों का कहना है कि यह तेंदुआ पिछले कुछ दिनों से इलाके में मंडरा रहा है। दो दिन पहले उसने एक छुट्टा गाय का भी शिकार किया था। वन विभाग को पहले ही सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब यह घटना विभाग की लापरवाही पर भी सवाल खड़े कर रही है।

प्रशासन और वन विभाग की जिम्मेदारी

घटना के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग इलाके में तुरंत पिंजरे लगाए, पेट्रोलिंग बढ़ाए और बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक तेंदुए को पकड़कर जंगल में नहीं छोड़ा जाता, तब तक गांव के लोग चैन से नहीं सो पाएंगे।

मातृत्व की मिसाल: मौत को मात देने वाली मां

यह घटना सिर्फ एक तेंदुए के हमले की नहीं, बल्कि मातृत्व के अदम्य साहस की कहानी है। सुनीता देवी (मां का नाम) ने यह साबित कर दिया कि एक मां अपने बच्चे को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। तेंदुए जैसे खूंखार शिकारी से लड़ना आसान नहीं, लेकिन जब बात बच्चे की हो, तो मां की ताकत किसी भी शिकारी पर भारी पड़ जाती है।

एक माँ की तेंदुए से जंग: सबक और चेतावनी

इस घटना से साफ है कि वन्यजीवों के खतरे से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की जान हमेशा जोखिम में रहती है। यह प्रशासन के लिए चेतावनी है कि वे सुरक्षा के ठोस उपाय करें। साथ ही, यह साहसी मां हम सभी के लिए प्रेरणा है—कि परिस्थितियां कितनी भी विकट क्यों न हों, हिम्मत और मातृत्व के सामने हर खतरा छोटा पड़ जाता है।

पीलीभीत में अब तेंदुए का तांडव! मेवातपुर गांव में महिला पर हमला, ग्रामीणों में आक्रोश, मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद