बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले स्थित *कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य* में इन दिनों हाथियों की चिंघाड़ गूंज रही है। नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क से लगभग 60 हाथियों का एक झुंड खाता कॉरिडोर के जरिए यहां पहुंचा है।
इस झुंड के आगमन से जहां वन विभाग और पर्यावरण प्रेमी उत्साहित हैं, वहीं जंगल से सटे गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि हाथी उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वन विभाग के अनुसार, यह हाथियों का प्राकृतिक प्रवास है। भोजन, पानी और शांत वातावरण की तलाश में वे यहां आते हैं। खासकर गेरुआ और कौड़ियाला नदी के किनारे फैले बेंत के जंगल हाथियों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। यह इलाका उनके लिए जलक्रीड़ा का भी उपयुक्त स्थल है।
बता दें कि नेपाल के रॉयल बर्दिया नेशनल पार्क में इस तरह के प्राकृतिक संसाधनों की कमी है, जिसके चलते हाथी भारत की ओर प्रवास करते हैं। अक्सर ये हाथी यहां आने के बाद वापस नेपाल नहीं लौटते, जिससे कतर्नियाघाट सेंचुरी में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।
इस बढ़ोतरी से जहां पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को नया आयाम मिल रहा है, वहीं गन्ना किसानों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। किसान रात-दिन फसलों की रखवाली कर रहे हैं और हाथियों को भगाने के लिए पटाखे भी फोड़ रहे हैं।
इसी बीच वन विभाग और गजमित्र टीम लगातार इन हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है ताकि न तो किसानों को और न ही हाथियों को किसी तरह की क्षति पहुंचे।

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