Bihar Election 2025: वोटर अधिकार यात्रा में राहुल-तेजस्वी और अखिलेश की संयुक्त हुंकार
बिहार की राजनीति इस समय चरम पर है। विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही महागठबंधन ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के ज़रिए पूरे प्रदेश में माहौल गर्मा दिया है। यह यात्रा 17 अगस्त को रोहतास जिले के सासाराम से शुरू हुई थी और अब 14वें दिन आरा पहुँचकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे चुकी है। इस मंच पर राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव तीनों नेता मौजूद रहे, लेकिन सभा के दौरान जिस तरह से तेजस्वी यादव ने खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया, उसने राजनीतिक हलकों में नई हलचल मचा दी।
Bihar Election 2025: तेजस्वी यादव का सीधा दावा, “ओरिजिनल CM चाहिए या डुप्लीकेट?”
आरा में हुई सभा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार “नकलची सरकार” है। उनका कहना था कि बिहार की जनता को यह तय करना है कि उन्हें “ओरिजिनल सीएम” चाहिए या “डुप्लीकेट सीएम”। उन्होंने यह बयान राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनों की मौजूदगी में दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री चेहरा बनने की उनकी महत्वाकांक्षा अब खुलकर सामने आ गई है।
तेजस्वी ने एनडीए सरकार पर हमला करते हुए कहा कि इन लोगों के पास न तो कोई विजन है और न ही कोई रोडमैप। यह केवल विपक्षी दलों की नीतियों की नकल कर रहे हैं। उनका आरोप था कि सत्ता में बैठी सरकार ने बिहार पर बुरी नज़र डाल रखी है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
Bihar Election 2025: राहुल गांधी का भाजपा पर आरोप, “चुनाव चोरी नहीं होने देंगे”
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर चुनाव चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा और लोकसभा चुनाव में वोटों की चोरी की, लेकिन बिहार का चुनाव वह इस बार चोरी नहीं कर पाएगी। राहुल गांधी ने जनता से अपील की कि वे एकजुट होकर इस कथित धांधली के खिलाफ खड़े हों।
उनका कहना था कि महागठबंधन की यह यात्रा सिर्फ़ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतंत्र को बचाने की एक ऐतिहासिक पहल है।
Bihar Election 2025: अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर हमला
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस यात्रा को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम करेगा और वोट के अधिकार की रक्षा करेगा। लेकिन अब आयोग भाजपा का साथ देता हुआ दिख रहा है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि अब यह चुनाव आयोग नहीं, बल्कि “जुगाड़ आयोग” बन गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता ने देखा है कि जब तेजस्वी यादव सत्ता में रहे थे, तब युवाओं को रोजगार और नौकरी मिली थी। इस बार यदि तेजस्वी सरकार में आते हैं तो बेरोजगारी और पलायन कम होगा।
Bihar Election 2025: महागठबंधन की रणनीति और संदेश
आरा की यह सभा महागठबंधन के लिए कई मायनों में अहम रही। पहली बार इतने बड़े मंच से तेजस्वी यादव ने खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। वहीं राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने इस दावे पर कोई आपत्ति नहीं जताई, जिससे संकेत मिला कि महागठबंधन अब उन्हें ही आगे बढ़ाने के मूड में है।
इस जनसभा से महागठबंधन ने जनता को यह संदेश देने की कोशिश की कि वे भाजपा और एनडीए सरकार के खिलाफ एकजुट हैं और इस बार बिहार में सत्ता परिवर्तन सुनिश्चित करेंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। महागठबंधन ने वोटर अधिकार यात्रा के माध्यम से जनता को अपनी ताकत दिखा दी है। तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री पद का दावा और राहुल-अखिलेश का समर्थन, विपक्षी गठबंधन की रणनीति को स्पष्ट करता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किस पर विश्वास जताती है— मौजूदा एनडीए सरकार पर या महागठबंधन के नए चेहरे तेजस्वी यादव पर।
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