अंबेडकर नगर बना नया औद्योगिक हब! 2436 करोड़ के निवेश से बदला जिले का भविष्य — एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से उद्योगों की लाइन
पूर्वांचल का ‘नया औद्योगिक सितारा’, जहां निवेशक खुद लाइन में खड़े हैं!
अंबेडकर नगर…
पहले जिस जिले को केवल एक छोटे ग्रामीण आर्थिक ढांचे के रूप में जाना जाता था,
आज वही जिला उत्तर प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर सबसे चमकते सितारे की तरह उभरा है।
2436 करोड़ के एमओयू,
224 चालू औद्योगिक इकाइयाँ,
हजारों नौकरियां,
और डबल इंजन सरकार का अडिग औद्योगिक विज़न—
इन सबने मिलकर अंबेडकर नगर को न सिर्फ पूर्वांचल बल्कि पूरे प्रदेश का उभरता हुआ औद्योगिक पावरहाउस बना दिया है।
जहां कल तक निवेशक सोचते थे…
“यहां आना चाहिए या नहीं?”
आज वह खुद कह रहे हैं—
“अंबेडकर नगर ही हमारी पहली पसंद है!”
यह बदलाव किसी चमत्कार से कम नहीं,
बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संयुक्त नीति,
प्रशासन की कार्यकुशलता और पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है।
2436 करोड़ का निवेश — देश-विदेश के निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा
जिले में अब तक 362 निवेशकों ने अपने प्रोजेक्ट के लिए 2436 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
इनमें:
गुजरात
महाराष्ट्र
दिल्ली
केरल
और पड़ोसी देश नेपाल
के निवेशक शामिल हैं—
जो यह साबित करता है कि अंबेडकर नगर अब एक “मजबूत ब्रांड” बन चुका है।
224 इकाइयों ने किया उत्पादन शुरू — रोजगार ही रोजगार
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल 244 इकाइयों में से 224 ने उत्पादन शुरू कर दिया है।
इन इकाइयों में कुल 1774 करोड़ का निवेश हो चुका है, जिससे:
हजारों प्रत्यक्ष रोजगार
हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार
सृजित हुए हैं।
जिले में पहली बार इस स्तर का औद्योगिक विस्तार देखने को मिल रहा है
सिंगल-विंडो सिस्टम बना गेम चेंजर — उद्योग लगाने की प्रक्रिया हुई आसान
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के नेतृत्व में सिंगल-विंडो सिस्टम को बेहद प्रभावी ढंग से लागू किया गया है।
अब:
एनओसी
अनुमतियां
प्रमाण पत्र
प्रोत्साहन
सब कुछ तेजी, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ मिल रहा है।
यही वजह है कि निवेशकों को लगता है:
“अंबेडकर नगर में उद्योग लगाना अब आसान ही नहीं, बल्कि लाभकारी भी है।”
CM डैशबोर्ड में लगातार टॉप-4 — प्रशासन की दक्षता का सबूत
पिछले छह महीनों से जिला CM डैशबोर्ड पर टॉप-4 में बना हुआ है।
जबकि एनओसी जारी करने में पिछले पांच महीनों से प्रथम या द्वितीय स्थान पर कायम है।
यह रैंकिंग बताती है कि प्रशासनिक मशीनरी निवेशकों की सुविधा के लिए पूरी ताकत और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
औद्योगिक कॉरिडोर: एक्सप्रेसवे बना विकास की धमनी
जिले में दो बड़े एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्रांति की रीढ़ बन चुके हैं:
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे – 570 एकड़
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे – 362 एकड़
दोनों पर YUPIDA द्वारा बड़ा IMLC Industrial Corridor विकसित किया जा रहा है।
इस कॉरिडोर के बाद अंबेडकर नगर पूरे पूर्वांचल का लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री हब बनने की ओर बढ़ चुका है।
ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में बड़ी छलांग — रिलायंस और अदानी की बड़ी एंट्री
रिलायंस बायो एनर्जी — 125 करोड़
अकबरपुर तहसील के सस्पना गांव में सीबीजी/सीएनजी प्लांट तेज़ी से बन रहा है।
यह प्लांट ऊर्जा क्रांति लाएगा और कृषि अपशिष्ट से हरित ऊर्जा बनेगी।
अदानी एग्रो लॉजिस्टिक्स — आधुनिक साइलो स्टोरेज
भीटी तहसील में अनाज भंडारण की अत्याधुनिक सुविधा विकसित हो रही है।
इससे किसानों को बाजार तक सीधे पहुंच और बेहतर MSP मिलेगी।
प्रमुख संचालित इकाइयों की सूची — रोजगार और उत्पादन का नया अध्याय
आर एन फीड्स – 21 करोड़ | 117 रोजगार
पार्थ थ्रेड प्रा. लि. – 40 करोड़ | 110 रोजगार
राम आनंद पांडे राइस मिल – 3.5 करोड़ | 40 रोजगार
लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट – 3 करोड़ | 35 रोजगार
निर्माणाधीन प्रमुख इकाइयां — जिले के भविष्य की रीढ़
रिलायंस बायो एनर्जी – 125 करोड़
अदानी एग्रो लॉजिस्टिक्स – 25 करोड़
आर्यांस एग्रो सॉल्वेक्स – 65 करोड़
निवेश पाइपलाइन — मेगा प्रोजेक्ट्स की दस्तक
मैकलेक टेक्निकल प्रोजेक्ट (सरफेस टरबाइन) – 600 करोड़
GPS Renewable Arya Pvt. Ltd. (CBG Plant) – 210 करोड़
Petronet LNG Pvt. Ltd. (CBG Plant) – 125 करोड़
ये प्रोजेक्ट अकेले ही जिले की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक ले जाने की क्षमता रखते हैं।
डीएम बोले: 60 हजार करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य — तेजी से आगे बढ़ रहा जिला
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के अनुसार:
दो बड़े औद्योगिक कॉरिडोर विकसित हो रहे हैं
95% भूमि अधिग्रहण पूरा
बड़े पैमाने पर गोदाम और CBG सेक्टर का विस्तार
लक्ष्य — 20 हजार करोड़ से बढ़कर 60 हजार करोड़ की अर्थव्यवस्था
डीएम का दावा:
“अंबेडकर नगर आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र होगा।”
अंबेडकर नगर का ‘गोल्डन इंडस्ट्रियल एरा’ शुरू हो चुका है
आज अंबेडकर नगर:
निवेशकों की पहली पसंद
रोजगार का नया केंद्र
औद्योगिक कॉरिडोर का लाभार्थी
डबल इंजन सरकार की नीतियों का उज्ज्वल मॉडल
बन चुका है।
जिले में निवेश, उद्योग, रोजगार और आधारभूत संरचना का जो प्रवाह शुरू हुआ है,
वह साफ संकेत देता है कि अंबेडकर नगर आने वाले समय में पूर्वांचल का सबसे बड़ा औद्योगिक हब बनने जा रहा है।