एक रात, एक कमरा… और खत्म हो गईं पाँच जिंदगियां
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में यूपी के मजदूरों की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई सवाल
हरियाणा की ऐतिहासिक धरती कुरुक्षेत्र से मंगलवार सुबह ऐसी खबर सामने आई, जिसने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ही नहीं, बल्कि हर उस परिवार को झकझोर दिया जो रोज़ी-रोटी के लिए अपने अपनों को छोड़कर दूसरे राज्यों में काम पर गए थे।
एक ही कमरे में सोए उत्तर प्रदेश के पाँच मजदूर। दरवाज़ा खुला तो भीतर सिर्फ खामोशी थी—मौत का सन्नाटा, अधजली अंगीठी और और कमरे में पड़ी थीं पांच लाशें
काम की तलाश में घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर आए इन मजदूरों को क्या पता था कि ठंड से बचने की कोशिश उनकी ज़िंदगी की आखिरी रात बन जाएगी।
सहारनपुर से कुरुक्षेत्र तक का सफर, जो मौत पर आकर थम गया
मृतक मजदूर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शेखपुरा गांव के निवासी थे। ये सभी चार दिन पहले हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पिपली रोड स्थित होटल स्टर्लिंग रिज़ॉर्ट में पेंटिंग का काम करने पहुंचे थे।
मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले ये लोग एक ही कमरे में ठहरे हुए थे।
मृतकों की पहचान:
नूर मोहम्मद उर्फ़ शहरी (30)
सोनू (28), पुत्र तौफीक
रोशनपाल (43), पुत्र गणेशी
मदन पाल (40), पुत्र मेघपाल
राजकुमार, निवासी काजीपुरा
सोमवार रात सभी ने साथ खाना खाया, अपने-अपने घरों की बातें कीं और फिर रोज़ की तरह सो गए—लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह नींद आख़िरी होगी।
सुबह नहीं खुला दरवाज़ा, कर्मचारियों को हुआ शक
मंगलवार सुबह जब काफी देर तक मजदूर कमरे से बाहर नहीं आए, तो होटल कर्मचारियों को चिंता हुई।
दरवाज़ा अंदर से बंद था, खिड़की से झांकने पर भी कोई हलचल नहीं दिखी। आवाज़ लगाने पर जब कोई जवाब नहीं मिला, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
कमरे में मिली जलती अंगीठी, यहीं से जुड़ती है मौत की कड़ी
पुलिस और फॉरेंसिक टीम के पहुंचते ही कमरे का दृश्य सबको सन्न कर गया।
कमरे के अंदर अंगीठी पाई गई, जिसे सर्दी से बचने के लिए जलाया गया था। कमरा बंद था, वेंटिलेशन बेहद सीमित।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बंद कमरे में अंगीठी जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस तेजी से फैलती है। यह गैस बिना किसी गंध के शरीर में प्रवेश कर जाती है और व्यक्ति को पता भी नहीं चलता—धीरे-धीरे सांस रुक जाती है और मौत हो जाती है।
पुलिस की शुरुआती जांच, दम घुटना बना मौत की वजह
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में मौत का कारण दम घुटना प्रतीत हो रहा है।
कमरे में सिर्फ एक दरवाज़ा और एक खिड़की थी, जो बंद थे। ऐसे में अंगीठी से निकली गैस बाहर नहीं निकल सकी।
हालांकि पुलिस का कहना है कि:
पोस्टमार्टम रिपोर्ट
फॉरेंसिक जांच
लैब रिपोर्ट
आने के बाद ही मौत के कारण पर अंतिम मुहर लगेगी।
गांव में मातम, कुरुक्षेत्र रवाना हुए परिजन
जैसे ही यह खबर सहारनपुर के शेखपुरा गांव पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया।
मां-बाप, पत्नी, बच्चे—हर किसी की आंखों में आंसू और सवाल हैं कि मेहनत की कमाई के लिए गए लोग एक साथ कैसे चले गए।
परिजन कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हो चुके हैं। पोस्टमार्टम के बाद शवों को सहारनपुर लाया जाएगा, जहां एक साथ पाँच चिताएं जलेंगी—यह सोचकर ही रूह कांप उठती है।
हर एंगल से जांच, कोई भी पहलू नहीं छोड़ा जाएगा
पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और किसी भी संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा रहा। जांच में शामिल हैं:
कमरे की संरचना और वेंटिलेशन
अंगीठी का प्रकार और स्थिति
शवों की अवस्था
फॉरेंसिक साक्ष्य
ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह हादसा है या इसके पीछे कोई और वजह।
मजदूरों के लिए चेतावनी बन गई यह घटना
यह हादसा सिर्फ पाँच परिवारों का दुख नहीं, बल्कि देशभर में काम कर रहे लाखों मजदूरों के लिए एक कड़ी चेतावनी है।
विशेषज्ञ लगातार आगाह करते रहे हैं कि:
बंद कमरे में अंगीठी
कोयले की आग
या किसी भी तरह का धुआं
जानलेवा साबित हो सकता है, खासकर सर्दियों में।
एक सवाल जो रह-रहकर उठता है…
क्या मेहनतकश मजदूरों की ज़िंदगी इतनी सस्ती है कि ठंड से बचने के लिए उन्हें मौत के मुंह में जाना पड़े?
कुरुक्षेत्र की यह घटना सिस्टम, ठेकेदारों और समाज—तीनों के लिए आईना है, जिसमें झांकना अब ज़रूरी हो गया है।