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पीलीभीत में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 86 शिक्षकों को हेल्थ कार्ड वितरित। मिलेगा कैशलेस इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा।

शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को मिली नई ताकत: पीलीभीत में ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ, 86 शिक्षकों…

पीलीभीत को कृषि निर्यात हब बनाने की बड़ी पहल। 27 परियोजनाओं का लोकार्पण, हाईटेक नर्सरी, आधुनिक मंडियां, खेती और किसानों को नई सौगात।

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पीलीभीत, पूरनपुर तराई क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी। 26 जुलाई से कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस शुरू होगी, यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी सुविधा।

पीलीभीत रेल कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार: कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस से बदलेगी तराई की तस्वीर पीलीभीत। वर्षों से जिस रेल सेवा…

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भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027: 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा सबसे बड़ा अभियान, अब घर बैठे वेबसाइट पर खुद भरें पूरी जानकारी, जानिए पूरी प्रक्रिया और जरूरी तारीखें

भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027: 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा सबसे बड़ा अभियान, घर बैठे भरें पूरी जानकारी, जानिए पूरी प्रक्रिया!

भारत की जनगणना 2027: डिजिटल क्रांति के साथ शुरू हो रहा सबसे बड़ा राष्ट्रीय अभियान, 1 अप्रैल 2026 से बदल जाएगी गिनती की पूरी व्यवस्था

भारत में जनगणना केवल लोगों की संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की नींव रखने वाला सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक अभियान है। हर 10 साल में होने वाली यह प्रक्रिया सरकार को यह समझने में मदद करती है कि देश की आबादी किस दिशा में बढ़ रही है, किन क्षेत्रों में विकास की जरूरत है और कौन-सी योजनाएं जमीन पर असर डाल रही हैं।

अब देश एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहां जनगणना 2027 पूरी तरह से डिजिटल तकनीक के साथ आयोजित की जाएगी। 1 अप्रैल 2026 से इसकी शुरुआत का संकेत मिल चुका है, और यह पहली बार होगा जब आम नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे।

 2011 के बाद पहली बार: क्यों खास है यह जनगणना?

भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2010-11 में  की गई थी। उसके बाद देश ने कई बड़े बदलाव देखे हैं—

  • तेजी से बढ़ता शहरीकरण
  • डिजिटल इंडिया अभियान
  • नई सरकारी योजनाओं का विस्तार
  • रोजगार और शिक्षा के नए अवसर

 ऐसे में 2027 की जनगणना इन सभी बदलावों का वास्तविक आंकड़ा सामने लाएगी, जो आने वाले वर्षों की नीतियों का आधार बनेगा।

डिजिटल जनगणना: अब वेबसाइट के जरिए खुद भर सकेंगे फॉर्म

इस बार जनगणना की सबसे बड़ी खासियत है—Self Enumeration (स्व-गणना)

सरकार ने इसके लिए आधिकारिक पोर्टल तैयार किया है, जहां नागरिक अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे।

इसके लिए आप Census of India Official Website (https://censusindia.gov.in) का उपयोग कर सकते हैं।

 इस वेबसाइट पर आपको क्या मिलेगा?

  • ऑनलाइन जनगणना फॉर्म
  • परिवार की पूरी जानकारी भरने की सुविधा
  • OTP के जरिए सुरक्षित लॉगिन
  • फॉर्म जमा करने के बाद यूनिक कोड (Unique ID)

 यही यूनिक कोड आगे प्रगणक (Enumerator) को दिखाना होगा, जिससे आपकी जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।

 दो चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया

जनगणना 2027 को व्यवस्थित और सटीक बनाने के लिए इसे दो बड़े चरणों में बांटा गया है।

पहला चरण: गृह सूचीकरण (House Listing Operations)

यह चरण जनगणना की नींव है, जिसमें हर घर की स्थिति और सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है।

राष्ट्रीय स्तर पर अवधि:
1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच (हर राज्य के लिए 30 दिन)

इस चरण में क्या जानकारी ली जाएगी?

  • मकान का प्रकार (कच्चा/पक्का)
  • बिजली, पानी, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं
  • घर में उपलब्ध संसाधन
  • परिवार के सदस्यों की प्रारंभिक जानकारी

 यह डेटा आगे की जनसंख्या गणना का आधार बनेगा।

 दूसरा चरण: जनसंख्या गणना (Population Enumeration)

यह सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसमें हर व्यक्ति की विस्तृत जानकारी दर्ज की जाती है।

पूरे देश में अवधि:
9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक

इसमें शामिल जानकारी:

  • नाम, उम्र, लिंग
  • शिक्षा स्तर
  • व्यवसाय और आय का स्रोत
  • वैवाहिक स्थिति
  • सामाजिक और आर्थिक स्थिति

 इस चरण के बाद ही देश की आधिकारिक जनसंख्या घोषित की जाती है।

 उत्तर प्रदेश के लिए पूरा शेड्यूल (तारीखों के साथ समझें)

उत्तर प्रदेश में जनगणना को लेकर स्पष्ट कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।

 Self Enumeration (ऑनलाइन फॉर्म भरना)

 7 मई 2026 से 21 मई 2026

 इस दौरान नागरिक वेबसाइट पर जाकर खुद अपनी जानकारी भर सकते हैं।

गृह सूचीकरण (House Listing)

 22 मई 2026 से 20 जून 2026

 इस चरण में प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी की पुष्टि करेगा।

प्रगणक (Enumerator) की भूमिका क्या होगी?

डिजिटल प्रक्रिया के बावजूद प्रगणक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहेगी।

 उनकी जिम्मेदारियां:

  • घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना
  • ऑनलाइन भरे गए फॉर्म का सत्यापन करना
  • छूटी हुई जानकारी को पूरा करना
  • डेटा को सुरक्षित रूप से सिस्टम में दर्ज करना

यानी तकनीक के साथ मानव सत्यापन का संतुलन बनाए रखा जाएगा।

 ऑनलाइन फॉर्म भरने के फायदे (Self Enumeration के लाभ)

  • घर बैठे आराम से फॉर्म भर सकते हैं
  • लंबी प्रक्रिया और इंतजार खत्म
  • गलतियों की संभावना कम
  • समय और संसाधनों की बचत
  • डेटा ज्यादा सटीक और सुरक्षित

 यह सुविधा खासतौर पर युवाओं और डिजिटल उपयोगकर्ताओं के लिए बहुत फायदेमंद होगी।

 नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां

  • केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें
  • किसी भी फर्जी लिंक या ऐप से बचें
  • सही और पूरी जानकारी दें
  • यूनिक कोड को सुरक्षित रखें
  • प्रगणक का सहयोग करें

 याद रखें, आपकी एक सही जानकारी देश की योजना बनाने में मदद करती है।

 आगे क्या होगा?

सरकार जल्द ही:

  • वेबसाइट के विस्तृत दिशा-निर्देश
  • यूनिक कोड सिस्टम की जानकारी
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म का पूरा उपयोग कैसे करें

 इन सभी जानकारियों को आधिकारिक रूप से जारी करेगी।

  देश की गिनती नहीं, विकास का रोडमैप है जनगणना

जनगणना 2027 भारत के इतिहास की सबसे आधुनिक और तकनीकी जनगणना बनने जा रही है।

 डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्व-गणना और दो-चरणीय प्रक्रिया इसे पारदर्शी, तेज और सटीक बनाएगी।

अब जिम्मेदारी हर नागरिक की है कि वह इस अभियान में भाग लेकर सही जानकारी दे और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाए।

जब वेबसाइट खुले—तो देर न करें, खुद जानकारी भरें और इस ऐतिहासिक बदलाव का हिस्सा बनें।