बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां समाजवादी पार्टी के नेता संदीप सिंह स्वर्णकार को कथित तौर पर थैलियम जहर देकर मारने की कोशिश की गई। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले ने राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल मचा दी है।
कौन हैं संदीप सिंह स्वर्णकार?
संदीप सिंह (41) समाजवादी छात्र सभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और अखिलेश यादव के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं।
राजनीति के अलावा वह दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों—SSS Infotech Private Limited और Shiv Enterprises—के मालिक हैं, जो सड़क निर्माण सामग्री की ढुलाई का काम करती हैं।
पत्नी का आरोप: थैलियम देकर मारने की साजिश
बुधवार रात संदीप की पत्नी खुशबू सिंह ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि उनके पति को सुनियोजित तरीके से थैलियम जहर दिया गया।
उनके मुताबिक, संदीप अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते थे और बाहर ही खाना खाते थे, इसी दौरान उन्हें जहर दिया गया हो सकता है।
गुरुग्राम से शुरू हुई बीमारी
फरवरी 2025 में एक रिश्तेदार की तबीयत खराब होने पर संदीप दो बार गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल गए थे।
4 फरवरी से 11 फरवरी तक वह वहीं रहे। इस दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में 2 मार्च को उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया।
हालत बिगड़ी, दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती
मेदांता में सुधार न होने पर उन्हें मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
8 मार्च से 22 मार्च तक इलाज चला। डॉक्टरों ने शुरुआत में उन्हें Guillain-Barré Syndrome (GBS) बताया।
22 मार्च को हालत ज्यादा बिगड़ने पर ICU और फिर वेंटिलेटर पर रखना पड़ा।
मुंबई में हुआ जहर का खुलासा
स्थिति गंभीर होने पर 27 मार्च को उन्हें एयर एंबुलेंस से मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया।
यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उनके शरीर में थैलियम जहर की पुष्टि की।
अब लखनऊ में चल रहा इलाज
इलाज के बाद संदीप सिंह को छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल वह लखनऊ में अपने घर पर डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस
कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह के अनुसार, खुशबू सिंह की तहरीर पर BNS की धारा 109(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
क्या होता है थैलियम जहर?
थैलियम एक बेहद खतरनाक स्लो पॉइजन है, जिसे आसानी से खाने-पीने की चीजों में मिलाया जा सकता है।
- यह ग्रे रंग का होता है, लेकिन हवा में रंग बदल जाता है
- इसका कोई स्वाद नहीं होता
- खाने में मिलाने पर पहचानना मुश्किल
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).