Bulldozer Action UP: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गुरुवार को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लेते हुए ईदगाह और इमामबाड़े को गिरा दिया। सुबह 8 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चली इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन का कहना है कि ये निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके किए गए थे।
6 घंटे चला बुलडोजर, 4 मशीनों से टूटा इमामबाड़ा
गुरुवार सुबह 8 बजे शुरू हुई कार्रवाई दोपहर 2:30 बजे तक चली। इमामबाड़े को तोड़ने के लिए चार बुलडोजर लगाए गए। पूरे ऑपरेशन के दौरान 5 थानों की पुलिस और एक कंपनी PAC मौके पर मौजूद रही, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
विरोध की आशंका, पुलिस ने लोगों को खदेड़ा
जैसे ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई, गांव के लोग मौके पर इकट्ठा होने लगे। संभावित विरोध को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को वहां से हटा दिया और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
प्रशासन के मुताबिक, करीब 7 बीघा चारागाह की जमीन पर ईदगाह और खाद गड्ढे की जमीन पर इमामबाड़ा बनाया गया था। यह कब्जा लगभग 12 साल पहले किया गया था। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब साढ़े 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
गांव वालों की शिकायत के बाद लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दायर की थी। इसके बाद 31 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर अखबार में नोटिस प्रकाशित किया गया था, जिसमें कब्जेदारों को सामने आने को कहा गया था। लेकिन कोई भी सामने नहीं आया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।
ग्रामीणों का विरोध और सवाल
गांव की निवासी जुबैदा ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इमामबाड़ा और ईदगाह से सभी को सुविधा मिलती थी, यहां गरीबों की बारातें भी रुकती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकारी जमीन पर निर्माण का मामला है, तो अन्य धार्मिक स्थलों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए।
सुबह 7:30 बजे पहुंची प्रशासनिक टीम
कार्रवाई से पहले सुबह करीब 7:30 बजे एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उस समय कुछ लोग खुद ही छेनी-हथौड़ी से इमामबाड़ा तोड़ रहे थे, जिन्हें प्रशासन ने तुरंत हटा दिया। यह मामला कोतवाली संभल क्षेत्र के बिछोली गांव का है।
डीएम का बयान: कब्जेदारों से वसूला जाएगा खर्च
डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि बुलडोजर चलाने का खर्च भी कब्जा करने वालों से वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लैंड बैंक तैयार कर रही है, ताकि ऐसी जमीनों को खाली कराकर जनहित के कार्यों में इस्तेमाल किया जा सके।
मेडिकल कॉलेज के पास जमीन, जनहित में होगा उपयोग
प्रशासन के अनुसार, यह जमीन एक मेडिकल कॉलेज के पास स्थित है, इसलिए इसे खाली कराकर आम जनता के उपयोग में लाया जाएगा। सरकार की योजना है कि ऐसी जमीनों को लैंड बैंक में शामिल कर भविष्य के विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाए।