UP News: उत्तराखंड के हरिद्वार से एक चर्चित मामला सामने आया है, जहां उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के एक मुस्लिम परिवार ने हिंदू धर्म अपना लिया। नमामि गंगे घाट पर संतों की मौजूदगी में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ पूरे परिवार का शुद्धिकरण किया गया और उनके नाम भी बदल दिए गए। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कहां और कैसे हुआ धर्म परिवर्तन
यह पूरा कार्यक्रम Haridwar के नमामि गंगे घाट और ब्रह्मकुंड क्षेत्र में आयोजित किया गया। परिवार के पांचों सदस्यों को पहले गंगा स्नान कराया गया, फिर मंत्रोच्चारण के बीच हवन कराकर उन्हें जनेऊ धारण कराया गया।
परिवार के बदले गए नाम
धर्म परिवर्तन के बाद परिवार के सभी सदस्यों के नाम बदल दिए गए—
- मोहम्मद शहजाद → शंकर
- रजिया → सावित्री
- बेटे का नाम → रूद्र
- बेटियों के नाम → रुक्मिणी और दिशा
गुरु के चरण छूते दिखे परिवार प्रमुख
कार्यक्रम के दौरान एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शहजाद (अब शंकर) अपने गुरु Arun Kishan Maharaj के पैर छूते नजर आ रहे हैं।
संतों ने बताया “घर वापसी”
इस आयोजन में मौजूद Swami Prabodhanand Maharaj ने इसे “घर वापसी” बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय परिवार ने अपनी आस्था के आधार पर लिया है और इसमें किसी प्रकार का दबाव या प्रलोभन नहीं है।
वहीं Ram Vishal Das ने कहा कि परिवार लंबे समय से संपर्क में था और विधि-विधान से यह अनुष्ठान कराया गया।
परिवार प्रमुख ने क्या कहा
शहजाद से शंकर बने व्यक्ति ने बताया कि उसका झुकाव बचपन से ही सनातन धर्म की ओर था। उसने कहा कि वह नियमित नमाज नहीं पढ़ता था और समय के साथ उसे लगा कि यह रास्ता उसके लिए सही नहीं है।
हालांकि, उसने यह भी कहा कि उसे अब अपने पुराने परिचितों से खतरा महसूस हो सकता है।
सहारनपुर का रहने वाला है परिवार
यह परिवार Saharanpur का रहने वाला है। गुरु अरुण किशन महाराज के अनुसार, शहजाद काफी समय से उनके संपर्क में था और हिंदू धर्म अपनाने की इच्छा जता रहा था।
सुरक्षा और भविष्य के कार्यक्रम
संतों ने कहा कि परिवार की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी बताया गया कि हरिद्वार में ऐसे और भी “शुद्धि कार्यक्रम” आगे आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि कई अन्य परिवार भी उनके संपर्क में हैं, जो धर्म परिवर्तन करना चाहते हैं।
पहले भी हो चुका है ऐसा आयोजन
इससे पहले हरिद्वार के हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर “एक्स मुस्लिम पदयात्रा” भी पहुंची थी, जिसमें कई संत शामिल हुए थे। इस यात्रा का उद्देश्य उन लोगों को सामने लाना था, जो अपने धर्म परिवर्तन के फैसले को खुलकर नहीं बता पा रहे हैं।
संवेदनशील मुद्दे पर बढ़ी चर्चा
इस घटना के बाद धर्म परिवर्तन और “घर वापसी” जैसे मुद्दों पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मामले को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).