Psycho Killer: उत्तर प्रदेश के वाराणसी और चंदौली में महज 26 घंटे के भीतर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी अब पुलिस जांच में साइको किलर निकला है। आरोपी की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र के रूप में हुई है, जो 2020 में आर्मी से रिटायर्ड हुआ था। पुलिस के मुताबिक उसने चलती ट्रेन, रेलवे ट्रैक और अस्पताल जैसे अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों को कनपटी पर गोली मारकर हत्या की। आरोपी के पास से दो पिस्टल भी बरामद हुई हैं, जिनमें एक लाइसेंसी और दूसरी अवैध बताई जा रही है।
26 घंटे में 3 मर्डर से दहला यूपी
पुलिस के अनुसार करीब 45 वर्षीय गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र ने 26 घंटे के अंदर तीन अलग-अलग हत्याओं को अंजाम दिया।
तीनों वारदातों में उसने पीड़ितों की कनपटी या सिर पर गोली मारी, ताकि बचने का कोई मौका न मिले।
तीनों वारदातों के बीच सिर्फ 20-25 किमी की दूरी
चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों घटनास्थलों के बीच की दूरी सिर्फ 20 से 25 किलोमीटर के आसपास है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी बेहद शांत तरीके से वारदात कर रहा था और मौका मिलते ही भाग निकलता था।
आरोपी पूर्व सैनिक, 2020 में हुआ था रिटायर
पुलिस के मुताबिक आरोपी का नाम गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र है। वह पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है और 2020 में आर्मी से रिटायर्ड हुआ था।
बताया जा रहा है कि वह बिहार के आरा में गार्ड की नौकरी कर रहा था।
आरोपी के पास मिलीं दो पिस्टल
जब आरोपी को चंदौली के अस्पताल से पकड़ा गया, तब उसके पास से दो पिस्टल बरामद हुईं।
इनमें एक उसके नाम पर रजिस्टर्ड थी, जबकि दूसरी अवैध बताई जा रही है।
पहली हत्या: चलती ट्रेन में यात्री को मारी गोली
जम्मू तवी एक्सप्रेस में हुई वारदात
पहली वारदात रविवार रात करीब 2 बजे हुई।
बिहार के गया जिले के रहने वाले दिनेश साहू (42) जम्मू तवी एक्सप्रेस से सीतापुर के नैमिषारण्य धाम जा रहे थे।
बाथरूम से निकलते ही सिर में गोली
पुलिस के मुताबिक मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पहले ब्लॉक हट-बी के पास दिनेश साहू बाथरूम गए थे।
जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी गुरप्रीत ने उनके सिर में गोली मार दी।
ट्रेन धीमी होते ही कूदकर फरार
गोली की आवाज सुनते ही ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई।
ब्लॉक हट-बी की वजह से ट्रेन की स्पीड धीमी थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी नीचे कूद गया और फरार हो गया।
लूट नहीं थी मकसद
पुलिस ने बताया कि मृतक के पास 15 हजार रुपये नकद और पत्नी के जेवर सुरक्षित मिले हैं।
इससे साफ है कि हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई थी।
दूसरी हत्या: अस्पताल में घुसकर महिला को मारी गोली
इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा
दूसरी वारदात सोमवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित जीवक अस्पताल में हुई।
आरोपी मुंह बांधकर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में दाखिल हुआ था।
बेड पर लेटी महिला की कनपटी पर मारी गोली
बिहार के भभुआ की रहने वाली लक्ष्मीना देवी (55) पैर टूटने के कारण अस्पताल में भर्ती थीं।
आरोपी सीधे उनके बेड तक पहुंचा और कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी।
अस्पताल में मची भगदड़
हत्या के बाद अस्पताल में चीख-पुकार मच गई।
डॉक्टरों और स्टाफ ने डर के मारे बेड के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई।
ऑटो चालक ने पकड़ लिया आरोपी
वारदात के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भाग रहा था, तभी अस्पताल के बाहर मौजूद ऑटो चालक विनोद दुबे ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया।
उन्होंने आरोपी का हाथ मरोड़ा, जिससे पिस्टल नीचे गिर गई। इसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पूरी खबर -> यूपी में सनसनीखेज वारदात: निजी अस्पताल में घुसकर महिला की हत्या, बेड पर लेटी मरीज को कनपटी पर मारी गोली..
तीसरी हत्या: पैसेंजर ट्रेन में युवक को गोली मारी
डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर में हुआ मर्डर
तीसरी वारदात रविवार सुबह करीब 7 बजे हुई।
गाजीपुर निवासी मंगरू (34) कर्नाटक से लौटकर डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन से घर जा रहा था।
माथे पर तमंचा सटाकर मारी गोली
यात्रियों के मुताबिक चंदौली में इब्राहिमपुर गांव के पास आरोपी ने मंगरू के माथे पर तमंचा सटाकर गोली मार दी।
इसके बाद शव को ट्रेन से रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया।
ट्रेन धीमी होने पर भाग निकला आरोपी
ताजपुर गांव के पास ट्रेन की रफ्तार धीमी हुई तो आरोपी वहां से कूदकर फरार हो गया।
अस्पताल में ‘वीरेंद्र’ नाम से बनवाया था पर्चा
डॉक्टर ने लिखी थीं दवाइयां
अलीनगर थाना प्रभारी घनश्याम शुक्ला ने बताया कि आरोपी ने अस्पताल में “वीरेंद्र” नाम से पर्चा बनवाया था।
डॉक्टर ने उसे कुछ दवाइयां भी लिखी थीं, लेकिन इसके बाद वह सीधे महिला वार्ड में पहुंच गया।
पुलिस बोली- तीनों हत्याएं उसी ने कबूलीं
पूछताछ में किया बड़ा खुलासा
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी गुरप्रीत सिंह ने तीनों हत्याओं की बात कबूल कर ली है।
फिलहाल उसे अलीनगर थाने की पुलिस कस्टडी में रखा गया है।
आर्मी और एजेंसियां खंगाल रहीं बैकग्राउंड
आरोपी पूर्व सैनिक होने के कारण आर्मी और केंद्रीय एजेंसियां भी उसके बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर उसने इन हत्याओं को क्यों अंजाम दिया और क्या इसके पीछे कोई मानसिक बीमारी या अन्य वजह थी।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).