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पीलीभीत न्यूज़: मासूम अब्बास को RBSK योजना के तहत जन्मजात कटे होंठ का मुफ्त ऑपरेशन। सरकारी पहल से लौटी मुस्कान, गरीब परिवार को मिली नई उम्मीद।

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पीलीभीत में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 86 शिक्षकों को हेल्थ कार्ड वितरित। मिलेगा कैशलेस इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा।

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पीलीभीत को कृषि निर्यात हब बनाने की बड़ी पहल। 27 परियोजनाओं का लोकार्पण, हाईटेक नर्सरी, आधुनिक मंडियां, खेती और किसानों को नई सौगात।

पीलीभीत को मिला कृषि विकास का नया विजन: हाईटेक नर्सरी, एक्सपोर्ट सेंटर और आधुनिक मंडियों से किसानों की बदलेगी तस्वीर…

पीलीभीत, पूरनपुर तराई क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी। 26 जुलाई से कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस शुरू होगी, यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी सुविधा।

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गजब की खबर: यूपी के संभल में एक महिला ने दिया 4 बच्चों को जन्म, 5 दिन में पूरा हुआ अनोखा डिलीवरी केस, सभी सुरक्षित..

गजब की खबर: यूपी के संभल में एक महिला ने दिया 4 बच्चों को जन्म, 5 दिन में पूरा हुआ अनोखा डिलीवरी केस, सभी सुरक्षित..

गजब की खबर: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और दुर्लभ मेडिकल केस सामने आया है। यहां एक महिला ने सिर्फ पांच दिनों के भीतर चार बच्चों को जन्म दिया। सबसे खास बात यह रही कि यह पूरी डिलीवरी सामान्य तरीके से हुई, जबकि ऐसा केस आमतौर पर बेहद हाई-रिस्क माना जाता है और ज्यादातर मामलों में सिजेरियन किया जाता है। फिलहाल मां और सभी नवजात डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित हैं।

कहां हुआ यह मामला?

यह मामला संभल जिले के ओबरी गांव की रहने वाली 31 वर्षीय अमीना का है, जिसने मुरादाबाद के टीएमयू अस्पताल में चार बच्चों को जन्म दिया।

पहले बच्चे का जन्म 9 मई को

अमीना को 8 मई को प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन 9 मई को उन्होंने पहले बेटे को जन्म दिया, जिसका वजन करीब 710 ग्राम बताया गया। उस समय गर्भावस्था लगभग साढ़े छह से सात महीने की थी।

डॉक्टरों ने स्थिति को संभालते हुए बाकी बच्चों की डिलीवरी को तुरंत रोक दिया और लगातार निगरानी शुरू कर दी।

पांच दिन बाद फिर शुरू हुई डिलीवरी

लगातार मेडिकल निगरानी और इलाज के बाद 14 मई को अमीना को फिर से प्रसव पीड़ा हुई। इस बार उन्होंने एक बेटे और दो बेटियों को जन्म दिया। इस तरह कुल मिलाकर पांच दिनों के भीतर चार बच्चों का जन्म हुआ।

हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी का दुर्लभ मामला

डॉक्टरों के अनुसार यह केस इसलिए खास है क्योंकि गर्भ में पल रहे चारों बच्चे अलग-अलग थैली में थे। आमतौर पर ऐसे मामलों में मां और बच्चों दोनों की जान को गंभीर खतरा रहता है और सिजेरियन डिलीवरी की जाती है।

इलाज और लगातार निगरानी

गर्भावस्था के दौरान अमीना को लीवर और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। हालत बिगड़ने पर उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

परिवार नियमित रूप से हर 15 से 20 दिन में जांच और इलाज के लिए अस्पताल आता रहा। डॉक्टरों की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए रही।

नवजातों की स्थिति कैसी है?

अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल सभी चारों नवजात डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इनमें से एक बच्चा पूरी तरह सामान्य है, जबकि दो बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत है। पहले जन्मे बच्चे की हालत स्थिर है और वह मां का दूध ले रहा है।

डॉक्टरों की टीम की भूमिका

इस पूरे केस में डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, डॉ. पूर्ति, डॉ. रोली और डॉ. मोनिका समेत अन्य मेडिकल स्टाफ शामिल रहा। डॉक्टरों ने लगातार मॉनिटरिंग करके मां और बच्चों की जान बचाई।

परिवार ने जताया आभार

बच्चों के पिता और किराना स्टोर संचालक मोहम्मद आलिम ने अस्पताल और डॉक्टरों की टीम का आभार जताया है और इसे एक चमत्कार जैसा अनुभव बताया।

मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय

डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की हाई-रिस्क मल्टीपल प्रेग्नेंसी में बेहद सावधानी की जरूरत होती है, क्योंकि हर समय जटिलताएं बढ़ सकती हैं। यह केस मेडिकल साइंस के लिए भी काफी खास माना जा रहा है।