3

Recent News

Pilibhit में सजेगा बैडमिंटन का राज्य स्तरीय महाकुंभ! 14 अक्टूबर से गांधी स्टेडियम में जुटेंगे यूपी के 250 से अधिक शटलर..
Captain Smit Machhar पर हमला करने वाला को-पायलट हमाम अल-हमामी कौन? कट्टरपंथी सोंच के चलते निकाला गया था..

Captain Smit Machhar: इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला करने…

PM Modi and Pilot Smit Machhar ने 9 मिनट तक की वीडियो कॉल, बोले- "हनुमान चालीसा पढ़कर बचाई लोगों की जान"

Pilot Smit Machhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से करीब 9 मिनट तक वीडियो…

Pilibhit में खून का बदला खून! 20 साल पहले हुई पिता की हत्या का बदला; बांका से हमला कर उतारा मौत के घाट..

Pilibhit के पूरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिलहरी में मंगलवार सुबह करीब 50 वर्षीय वेदराम की बांका से हमला कर…

Crime News: यूपी में सरकारी प्रिंसिपल और पत्नी की स्कूल परिसर में सनसनीखेज हत्या, फावड़ा-कुल्हाड़ी से काट डाला..

Crime News: सुल्तानपुर के कादीपुर इलाके में सरकारी शिक्षक और ब्लॉक शिक्षक संघ अध्यक्ष मुकेश सिंह और उनकी पत्नी विनीता…

3

Recent News

Captain Smit Machhar: इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला करने…

Pilot Smit Machhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से करीब 9 मिनट तक वीडियो…

Pilibhit के पूरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिलहरी में मंगलवार सुबह करीब 50 वर्षीय वेदराम की बांका से हमला कर…

Crime News: सुल्तानपुर के कादीपुर इलाके में सरकारी शिक्षक और ब्लॉक शिक्षक संघ अध्यक्ष मुकेश सिंह और उनकी पत्नी विनीता…

Breaking News

Pilibhit Nagar Palika: डांडिया नाइट, नगर कीर्तन, मंदिर विकास और गौशाला निर्माण — विकास के साथ सांस्कृतिक समरसता की नई मिसाल बनता पीलीभीत

Pilibhit Nagar Palika में डांडिया नाइट, नगर कीर्तन, मंदिर विकास और गौशाला निर्माण से सांस्कृतिक समरसता व विकास को नई पहचान मिली।

पार्क, मंदिर, डांडिया नाइट और नगर कीर्तन… पीलीभीत में विकास के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण

पीलीभीत में बीते कुछ वर्षों के दौरान विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा देने का प्रयास किया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ आस्था अग्रवाल ने केवल सड़क, रोशनी और निर्माण कार्यों तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करने की दिशा में कई पहलें कीं। पार्कों के सौंदर्यीकरण से लेकर धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक, शहर में बदलाव की एक अलग तस्वीर दिखाई देने लगी है।

पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को मिला नया स्वरूप

नगर पालिका अध्यक्ष डॉ आस्था अग्रवाल द्वारा शहर के कई प्रमुख पार्कों और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया गया। नेहरू पार्क, दामोदर दास पार्क, खकरा पार्क और रामस्वरूप पार्क को नए स्वरूप में विकसित करने का प्रयास किया गया।

इन पार्कों में हरियाली, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थान मिल सके। परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये स्थान अब पहले की तुलना में अधिक आकर्षक दिखाई देने लगे हैं।

तालाबों के सौंदर्यीकरण से पर्यावरण संरक्षण पर जोर

कलेक्ट्रेट चौराहा और नक्टादाना चौराहा स्थित तालाबों का सौंदर्यीकरण भी नगर पालिका की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल रहा। तालाबों को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने के साथ उनके आसपास के क्षेत्रों को भी व्यवस्थित किया गया।

नगर पालिका आने वाले समय में जिला अस्पताल और गौहनिया चौराहा स्थित तालाबों के सौंदर्यीकरण की तैयारी भी कर रही है। माना जा रहा है कि इससे पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण दोनों को मजबूती मिलेगी।

गौरीशंकर मंदिर मार्ग और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर ध्यान

वंदन योजना के अंतर्गत गौरीशंकर मंदिर तक जाने वाले मार्गों का निर्माण कराया गया। मंदिर परिसर और आसपास प्रकाश व्यवस्था, वाटर कूलर और बैठने की सुविधाएं विकसित की गईं ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल सके।

धार्मिक स्थलों के विकास से स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नगर पालिका  नगर पालिका अध्यक्ष डॉ आस्था अग्रवाल का मानना है कि आस्था से जुड़े स्थलों को बेहतर सुविधाएं देना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वेस्ट टू वंडर सेल्फी प्वाइंट बना आकर्षण का केंद्र

नगर पालिका परिसर में वेस्ट टू वंडर थीम पर सेल्फी प्वाइंट बनाया गया, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस परियोजना के माध्यम से लोगों को स्वच्छता और पुनर्चक्रण का संदेश देने का प्रयास किया गया।

युवा वर्ग और बच्चे यहां तस्वीरें खिंचवाने पहुंच रहे हैं, जिससे यह स्थान शहर की नई पहचान के रूप में भी उभरता दिखाई दे रहा है।

डांडिया नाइट और सांस्कृतिक आयोजनों से बढ़ी सहभागिता

नगर पालिका अध्यक्ष डॉ आस्था अग्रवाल ने सांस्कृतिक आयोजनों को भी नई ऊर्जा देने का प्रयास किया। नवरात्र के दौरान डांडिया नाइट का आयोजन कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन ने शहर में सांस्कृतिक उत्साह का माहौल बनाया।

बसंत पंचमी के अवसर पर पतंग उत्सव का आयोजन भी कराया गया, जिससे नागरिकों की सहभागिता बढ़ी। इन आयोजनों ने नगर पालिका और नागरिकों के बीच जुड़ाव को मजबूत करने का काम किया।

राम मंदिर कार्यक्रम, नगर कीर्तन और उर्स से दिया सामाजिक समरसता का संदेश

अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर नगर में भव्य शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम आयोजित कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।

सिख संगत द्वारा निकाले गए नगर कीर्तन का भी भव्य स्वागत किया गया। इसके साथ ही सूफी संत शाहजी मोहम्मद शेर मियां के उर्स में नगर पालिका की ओर से चादरपोशी की गई। इन आयोजनों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकास के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

निराश्रित गोवंश के लिए बनाई गई आधुनिक गौशाला

नगर पालिका अध्यक्ष डॉ आस्था अग्रवाल द्वारा कन्हा गौशाला का निर्माण कराया गया ताकि सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सके। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और पशुओं की बेहतर देखभाल की उम्मीद जताई जा रही है।

गोसंरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में गौशाला निर्माण को केवल प्रशासनिक परियोजना नहीं बल्कि सामाजिक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।

विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की कोशिश

पीलीभीत में विकास की जो तस्वीर उभर रही है, उसमें केवल निर्माण कार्य ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को भी महत्व दिया जा रहा है। पार्कों का सौंदर्यीकरण, धार्मिक स्थलों का विकास, सांस्कृतिक आयोजन और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम इसी सोच को दर्शाते हैं।

यदि आने वाले समय में भी इसी प्रकार विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखा गया तो पीलीभीत एक ऐसे शहर के रूप में उभर सकता है, जहां आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी मजबूत रखा गया हो।