Mamata Banerjee FIR: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। सिलीगुड़ी साइबर थाने में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने 2025 में कोलकाता में हुए ईद कार्यक्रम के दौरान सनातन और हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले ने अब राजनीतिक और कानूनी दोनों ही मोर्चों पर हलचल बढ़ा दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद उस बयान को लेकर है, जिसमें ममता बनर्जी पर ‘गंदा धर्म’ जैसे शब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बयान से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर ममता बनर्जी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
किसने दर्ज कराई शिकायत?
यह शिकायत वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि यह बयान जानबूझकर दिया गया, जिससे समाज में तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रिंकी का यह भी कहना है कि 2025 में भी उन्होंने इस मुद्दे पर शिकायत करने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें प्रताड़ित भी किया गया।
किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
- धारा 351(1): आपराधिक धमकी
- धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से अपमान
- धारा 353(2): धार्मिक समूहों के बीच नफरत फैलाने का आरोप
पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर तय होगी।
TMC नेता ने भी बयान को बताया गलत
तृणमूल कांग्रेस के दार्जिलिंग यूनिट के महासचिव अत्री शर्मा ने भी इस बयान को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर भी कई लोग इस टिप्पणी से सहमत नहीं थे और किसी को भी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है।
TMC के अंदर बढ़ रही नाराजगी?
इस मामले के बीच TMC के दो विधायक रितब्रत बनर्जी और संदीपन साहा विधानसभा में स्पीकर रथींद्र बोस से मिलने पहुंचे, जहां विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे।
हालांकि दोनों विधायकों ने इसे सामान्य मुलाकात बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे पार्टी के अंदर बढ़ती नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल ही में दोनों विधायक पार्टी की रणनीति और चुनावी फैसलों पर सवाल उठा चुके हैं।
अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस
इसी बीच TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी भी एक अलग विवाद में घिर गए हैं। कोलकाता नगर निगम के नोटिस के बाद पुलिस उनकी ‘शांतिनिकेतन’ स्थित आवास पर पहुंची थी।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माण को लेकर की गई है। हालांकि अभिषेक बनर्जी ने इस पर 14 दिन का समय मांगा है।
TMC दफ्तर पर चला बुलडोजर
नगर निगम ने 14 मई को TMC के एक दफ्तर और क्लॉक टावर को अवैध बताते हुए गिरा दिया। आरोप है कि यह निर्माण खेल के मैदान पर कब्जा करके किया गया था।
इससे पहले 5 मई को न्यू मार्केट इलाके में भी TMC का एक दफ्तर हटाया गया था।