BREAKING: ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि लेबर पार्टी को अब नहीं लगता कि वह अगले चुनाव में पार्टी का सही नेतृत्व कर सकते हैं। उनके इस्तीफे के बाद ब्रिटेन में नए प्रधानमंत्री की तलाश शुरू हो गई है और इस समय एंडी बर्नहैम सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
कीर स्टार्मर ने क्यों दिया इस्तीफा
कीर स्टार्मर का इस्तीफा अचानक नहीं माना जा रहा है। पिछले काफी समय से लेबर पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा था। कई सांसद और मंत्रियों ने सार्वजनिक तौर पर उनके फैसलों और नेतृत्व शैली पर सवाल उठाए थे।
स्थानीय चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन और लगातार गिरती लोकप्रियता ने भी उनके ऊपर दबाव बढ़ा दिया था। आखिरकार बढ़ते विरोध के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री और पार्टी नेता दोनों पद छोड़ने का फैसला लिया।
एंडी बर्नहैम बन सकते हैं नए नेता
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक एंडी बर्नहैम इस समय स्टार्मर की जगह लेने की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। हाल ही में उन्होंने मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर संसद में वापसी की है।
बताया जा रहा है कि लेबर पार्टी के कई सांसद उनका समर्थन कर रहे हैं। चुनाव जीतने के बाद बर्नहैम ने कहा कि वह देश को नई दिशा देना चाहते हैं। इसके बाद उनके समर्थकों ने भी स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ा दिया था।
स्टार्मर के खिलाफ बढ़ता गया विरोध
कीर स्टार्मर ने साल 2024 में लेबर पार्टी को बड़ी जीत दिलाई थी और सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि उसके बाद उनकी लोकप्रियता धीरे-धीरे कम होती चली गई।
उन पर कई नीतिगत यू-टर्न लेने के आरोप लगे। साथ ही लोगों का कहना था कि उन्होंने जीवनस्तर सुधारने और आर्थिक राहत देने के जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हो पाए।
इसी बीच एंडी बर्नहैम की उपचुनाव जीत ने पार्टी के अंदर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।
वेस स्ट्रीटिंग ने भी दिए थे चुनौती के संकेत
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी संकेत दिए थे कि जरूरत पड़ने पर वह नेतृत्व की चुनौती पेश कर सकते हैं।
हालांकि 19 जून को स्टार्मर ने साफ कहा था कि वह अपने नेतृत्व के खिलाफ आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करेंगे। उन्होंने पार्टी नेताओं से आंतरिक खींचतान से बचने की अपील भी की थी।
सात साल में ब्रिटेन को मिलेगा छठा प्रधानमंत्री
कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन को सात साल में छठा प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ब्रिटिश राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं।
2016 में ब्रेक्जिट जनमत संग्रह हारने के बाद डेविड कैमरन ने इस्तीफा दिया था।
उनके बाद थेरेसा मे प्रधानमंत्री बनीं लेकिन संसद से ब्रेक्जिट समझौता पारित नहीं करा पाने के कारण उन्हें 2019 में पद छोड़ना पड़ा।
इसके बाद बोरिस जॉनसन प्रधानमंत्री बने लेकिन कोविड लॉकडाउन के दौरान सरकारी आवास पर हुई पार्टियों और कई विवादों के चलते 2022 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
उनके बाद लिज ट्रस प्रधानमंत्री बनीं लेकिन उनकी आर्थिक नीतियों के कारण बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। वह केवल 49 दिन तक ही प्रधानमंत्री रह सकीं।
इसके बाद ऋषि सुनक प्रधानमंत्री बने लेकिन बढ़ती महंगाई, आर्थिक दबाव और आम चुनाव में हार के बाद जुलाई 2024 में उन्होंने भी पद छोड़ दिया।
अब स्टार्मर के जाने के बाद ब्रिटेन एक बार फिर नए नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार क्यों बदलते हैं
ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था दूसरे कई देशों से अलग है। यहां लोग सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं करते हैं। लोग सांसद चुनते हैं और फिर जिस पार्टी को बहुमत मिलता है, उसके सांसद अपने नेता को प्रधानमंत्री बनाते हैं।
अगर सांसदों को लगता है कि किसी नेता की लोकप्रियता कम हो रही है और अगले चुनाव में इससे पार्टी को नुकसान हो सकता है, तो वे बिना आम चुनाव कराए भी नया नेता चुन सकते हैं।
यही वजह है कि ब्रिटेन में कई बार प्रधानमंत्री का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही नेतृत्व बदल जाता है।
लेबर और कंजर्वेटिव पार्टी के नियम कैसे काम करते हैं
ब्रिटेन की बड़ी पार्टियों में नेताओं को हटाने की प्रक्रिया भी काफी आसान मानी जाती है।
कंजर्वेटिव पार्टी में अगर 15% सांसद किसी नेता के खिलाफ चिट्ठी लिख दें तो उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है।
वहीं लेबर पार्टी में कोई दूसरा नेता तभी दावेदारी पेश कर सकता है जब उसे पार्टी के 20% से ज्यादा सांसदों और सदस्यों का समर्थन हासिल हो जाए।
यही कारण है कि ब्रिटिश राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन काफी तेजी से देखने को मिलता है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).