UP Police: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। यहां एक महिला कॉन्स्टेबल ने 8 साल की मूक-बधिर बच्ची को उसकी मां से मिलाया। मां को देखते ही बच्ची खिलखिला उठी और दौड़कर उनसे लिपट गई। यह नजारा देखकर महिला कॉन्स्टेबल मंदाकिनी भी अपनी भावनाएं नहीं रोक सकीं और उनकी आंखें नम हो गईं।
महिला कॉन्स्टेबल ने कहा कि उन्हें इस बच्ची में अपनी बेटी नजर आई। उन्होंने यह भी बताया कि उनके दो बेटे हैं, लेकिन बेटी नहीं है।
महिला कॉन्स्टेबल बोलीं- अगर कोई नहीं मिलता तो मैं उसे पाल लेती
कॉन्स्टेबल मंदाकिनी ने कहा,
“इस बच्ची में मुझे अपनी बेटी दिखाई दी। मेरे दो बेटे हैं, लेकिन बेटी नहीं है। हमने सोचा था कि अगर बच्ची का कोई नहीं मिलता तो मैं इसे पाल लेती।”
उनकी यह बात सुनकर हर कोई भावुक हो गया।
जुलूस के पीछे-पीछे घर से दूर निकल गई थी बच्ची
ग्वालटोली थाना क्षेत्र के नाजिरबाग में रहने वाले काबुल शेख कबाड़ बीनने का काम करते हैं। परिवार में पत्नी रेशमा खातून और तीन बच्चे हैं।
परिवार के मुताबिक, 22 जून को रेशमा अपनी बड़ी बेटी के पास गई थीं और पति काम पर गए थे। घर पर 8 साल की परवीन और उसका भाई अकेले थे।
इसी दौरान इलाके में अलम का जुलूस निकल रहा था। खेलते-खेलते परवीन जुलूस के पीछे-पीछे निकल गई और घर से काफी दूर पहुंच गई।
देर रात सड़क किनारे अकेली मिली बच्ची
सोमवार देर रात पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी। शीलिंग हाउस स्कूल के पास पुलिस को बच्ची सड़क किनारे बैठी मिली।
पुलिसकर्मियों ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन बच्ची मूक-बधिर थी और कुछ बता नहीं सकी। इसके बाद पुलिस उसे थाने लेकर गई और महिला हेल्प डेस्क को सौंप दिया।
बच्ची ने खाने का इशारा किया तो भावुक हो गईं कॉन्स्टेबल
कॉन्स्टेबल मंदाकिनी ने बताया कि जब वह अगले दिन सुबह ड्यूटी पर पहुंचीं तो बच्ची गंदे कपड़ों में बैठी थी।
बच्ची ने उनका हाथ पकड़कर खाने का इशारा किया। इसके बाद मंदाकिनी ने इशारों में उससे पूछा कि क्या उसे भूख लगी है। बच्ची ने सिर हिलाकर हां कहा।
मंदाकिनी तुरंत थाने की मेस से छोले, चावल और रोटी लेकर आईं और प्यार से उसे खाना खिलाया।
अपने हाथों से नहलाया और नए कपड़े पहनाए
खाना खाने के बाद बच्ची ने नहलाने का इशारा किया।
इसके बाद महिला कॉन्स्टेबल ने थाने परिसर में हैंडपंप पर बच्ची को नहलाया। वहीं महिला दरोगा कंचन रागिनी बच्ची के लिए नए कपड़े लेकर आईं।
नए कपड़े देखकर बच्ची के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उसने तुरंत उन्हें पहन लिया।
इंस्टाग्राम रील बनी मां-बेटी के मिलन की वजह
बच्ची के परिवार को खोजने के लिए महिला पुलिसकर्मियों ने इंस्टाग्राम पर उसकी रील पोस्ट की।
कुछ ही घंटों में वीडियो तेजी से वायरल हो गया। दूसरी तरफ बच्ची की मां रेशमा अपनी बेटी को तलाश रही थीं।
जब वह थाने पहुंचीं तो पुलिस ने उन्हें वीडियो दिखाया। वीडियो देखते ही मां की आंखों से आंसू निकल पड़े और उन्होंने कहा, “हां साहब, यही मेरी बेटी है।”
मां को देखते ही दौड़कर गले लग गई बच्ची
बुधवार दोपहर जब बच्ची की मां, बुआ और मौसी थाने पहुंचीं, तो वहां मासूम बैठी हुई थी।
मां को देखते ही बच्ची ने उन्हें पहचान लिया और तुरंत दौड़कर गले लग गई। वहां मौजूद लोग इस भावुक पल को देखकर अपनी भावनाएं नहीं रोक पाए।
कौन हैं कॉन्स्टेबल मंदाकिनी?
कॉन्स्टेबल मंदाकिनी मूल रूप से मैनपुरी की रहने वाली हैं, जबकि उनकी ससुराल फिरोजाबाद में है। वह करीब एक साल से ग्वालटोली थाने में तैनात हैं।
उनके दो बेटे हैं जिनकी उम्र 2 साल और 1 साल है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनकी छोटी सी कोशिश से बच्ची अपने परिवार तक पहुंच सकी।