Crime News: झांसी में 24.90 लाख रुपए की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात को अंजाम देने वालों में तीन पुलिसकर्मी भी शामिल थे। पुलिस जांच में सामने आया कि ऑनलाइन सट्टे में 24.90 लाख रुपए हारने के बाद मुख्य आरोपी ने पैसे चुकाने से बचने के लिए पूरी डकैती की साजिश रची। उसने बदमाशों के साथ-साथ वर्दीधारी सिपाहियों को भी हायर किया ताकि लोगों को यह पुलिस की कार्रवाई लगे और किसी को शक न हो। पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 24.50 लाख रुपए और वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार बरामद कर ली है, जबकि 4 आरोपी अभी भी फरार हैं।
ऑनलाइन सट्टे में हार के बाद बनाई लूट की योजना
झांसी के एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के मुताबिक, मुख्य आरोपी सूर्यांश यादव नवाबाद थाना क्षेत्र के खुशीपुरा का रहने वाला है और ट्रैवल एजेंसी का मालिक है। उसका संपर्क मध्य प्रदेश के सतना जिले के रहने वाले नितिन तेजवानी और उसके भाई संस्कार तेजवानी से था, जो ऑनलाइन सट्टा खिलाते हैं।
करीब 15 दिन पहले सूर्यांश ऑनलाइन सट्टे में 18 लाख रुपए जीत गया था। यह रकम नितिन और संस्कार ने उसे पहुंचा भी दी थी। इसके बाद लालच में आकर उसने बड़े दांव लगाने शुरू कर दिए। लगभग एक सप्ताह पहले वह 24.90 लाख रुपए हार गया। जब सट्टा खिलाने वालों ने उससे पैसे मांगे, तो उसने रकम देने के बजाय पूरी लूट की साजिश रच डाली।
मौसेरे भाई और दोस्तों को बनाया साथी
सूर्यांश यादव ने सबसे पहले अपने मौसेरे भाई अंकित यादव को योजना में शामिल किया। अंकित प्रेमनगर थाना क्षेत्र के महाराज सिंह नगर का रहने वाला है। दोनों ने मिलकर पूरी डकैती का प्लान तैयार किया।
इसके बाद अंकित ने अपने दोस्त और जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाही राघवेंद्र राजपूत, मनोज कुमार और नीरज राजपूत को साजिश में शामिल किया। साथ ही अपने तीन अन्य दोस्तों सुखबीर, सूरज सिंह और गौरव यादव को भी हायर किया गया। वारदात के लिए पुलिस का स्टिकर लगी काले रंग की क्रेटा कार की व्यवस्था सुखबीर ने की।
मुंशी को घर बुलाकर सौंपे गए 24.90 लाख रुपए
प्लान के तहत सूर्यांश यादव झांसी से बाहर चला गया ताकि शक उससे दूर रहे। 9 जुलाई को उसने संस्कार तेजवानी को फोन कर कहा कि उसका पूरा भुगतान तैयार है और वह अपने मुंशी को पैसे लेने भेज दे।
इसके बाद संस्कार ने अपने मुंशी किशन पांचाल को साथी किशन कुमार के साथ स्कूटी से सूर्यांश के घर भेजा। वहां से दोनों 24.90 लाख रुपए से भरा बैग लेकर निकले। जैसे ही वे घर से बाहर निकले, पहले से घात लगाए बदमाश उनके पीछे लग गए।
मिनर्वा चौराहे पर वर्दीधारी सिपाहियों ने रोकी स्कूटी
सुखबीर, अंकित और सूरज बाइक से मुंशी की लगातार रेकी कर रहे थे। वहीं तीनों सिपाही और गौरव यादव क्रेटा कार में सवार थे।
जैसे ही मुंशी मिनर्वा चौराहे के पास सुरेश ढाबा के नजदीक पहुंचा, वर्दी पहने सिपाही कार से उतरे। उन्होंने दोनों को पीटते हुए जबरन कार में बैठा लिया। आसपास मौजूद लोगों को लगा कि पुलिस किसी आरोपी को पकड़ रही है, इसलिए किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।
कानपुर बाईपास ले जाकर छीना पैसों से भरा बैग
आरोपी दोनों युवकों को कार में बैठाकर कानपुर बाईपास स्थित हनुमान मंदिर के पास ले गए। वहां उनसे 24.90 लाख रुपए से भरा बैग छीन लिया और दोनों को सड़क पर छोड़कर फरार हो गए।
लूट के बाद पूरी रकम अंकित यादव के जरिए सूर्यांश यादव तक पहुंचा दी गई। बदले में वारदात में शामिल दोनों गिरफ्तार सिपाहियों को एक-एक लाख रुपए दिए गए।
वर्दी का इस्तेमाल इसलिए किया ताकि कोई शिकायत न करे
पूछताछ में सूर्यांश यादव ने पुलिस को बताया कि उसे भरोसा था कि यह सट्टे का पैसा है। अगर पुलिस की वर्दी में वारदात होगी तो नितिन और संस्कार डर जाएंगे और पुलिस में शिकायत नहीं करेंगे।
लेकिन 10 जुलाई को मुंशी किशन पांचाल खुद को सूरत के ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल का मुंशी बताते हुए झांसी कोतवाली पहुंच गया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज करा दी।
सीसीटीवी फुटेज से खुली पूरी साजिश
शिकायत मिलते ही पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को क्रेटा कार का नंबर मिल गया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो गया।
6 आरोपी गिरफ्तार, 24.50 लाख रुपए और क्रेटा कार बरामद
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सूर्यांश यादव, दतिया के चिटवा कॉलोनी निवासी गौरव यादव, प्रेमनगर के बल्लमपुर गांव निवासी सुखबीर, सूरज सिंह और जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाही राघवेंद्र राजपूत तथा सिपाही मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों के कब्जे से 24.50 लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई पुलिस स्टिकर लगी क्रेटा कार बरामद हुई है।
तीन सिपाही सस्पेंड, चार आरोपी अभी भी फरार
इस मामले में जालौन के एसपी ने तीनों सिपाहियों राघवेंद्र राजपूत, मनोज कुमार और नीरज राजपूत को सस्पेंड कर दिया है।
फिलहाल अंकित यादव, सिपाही नीरज राजपूत और ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले नितिन तेजवानी व संस्कार तेजवानी की तलाश जारी है। पुलिस ने चारों को भी इस मामले में आरोपी बनाया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।