Viral Video: इटावा के रहने वाले मौलाना जरजिश अंसारी के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में मौलाना भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दावा करते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद कई हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस बयान के विरोध में पुलिस को शिकायत भी दी गई है।
23 जून के कार्यक्रम का बताया जा रहा है वीडियो
जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो 23 जून का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो झारखंड में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम (तकरीर) का है, जिसमें मौलाना जरजिश अंसारी लोगों को संबोधित कर रहे थे।
इसी दौरान उन्होंने भगवद्गीता के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के बारे में विवादित दावा किया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
View this post on Instagram
मौलाना ने क्या कहा?
वीडियो में मौलाना ने दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण मुसलमान थे और पांच वक्त की नमाज पढ़ते थे। उन्होंने भगवद्गीता के एक श्लोक का अपना अर्थ बताते हुए यह बात कही।
हालांकि, इस दावे को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक विवाद शुरू हो गया और कई लोगों ने उनके कथन पर आपत्ति जताई।
हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी
मौलाना के बयान के बाद कई हिंदू संगठनों ने इसे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया। संगठनों ने मांग की कि मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
अयोध्या के संतों की प्रतिक्रिया
इस विवाद पर अयोध्या के कुछ संतों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
रिपोर्ट के अनुसार, महंत विष्णु दास ने मौलाना के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई और एक विवादित टिप्पणी की। वहीं धर्मदास महाराज ने कहा कि मौलाना को इतिहास और धार्मिक विषयों की सही जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का काल हजारों वर्ष पुराना माना जाता है, जबकि इस्लाम का इतिहास लगभग 1400 वर्ष पुराना है। उनके अनुसार, दोनों की तुलना करना ऐतिहासिक रूप से उचित नहीं है।
हिंदू महासभा ने पुलिस में दी शिकायत
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में मौलाना के खिलाफ शिकायत दी है।
उन्होंने कहा कि यदि उचित कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा। साथ ही मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस कार्रवाई पर नजर
फिलहाल इस मामले में शिकायत दिए जाने के बाद पुलिस की ओर से आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी या एफआईआर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।