Tattoo Art Risk: टैटू बनवाने का बढ़ता क्रेज कई बार गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर सकता है। कानपुर की एक महिला के मामले ने इसे लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली के एक टैटू पार्लर में टैटू बनवाने के कुछ समय बाद महिला को गंभीर संक्रमण हुआ। जांच के दौरान वह एचआईवी (HIV) पॉजिटिव पाई गई। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण की संभावित वजह टैटू बनाते समय इस्तेमाल की गई दूषित सुई हो सकती है। हालांकि, किसी एक व्यक्ति में संक्रमण का सटीक स्रोत केवल इस आधार पर निश्चित रूप से साबित नहीं किया जा सकता।
जेनिटल इंफेक्शन की शिकायत लेकर पहुंची थी अस्पताल
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेतांक के अनुसार, महिला करीब एक सप्ताह पहले इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी। उसे प्राइवेट पार्ट (जेनिटल) में गंभीर संक्रमण की शिकायत थी।
महिला ने डॉक्टरों को बताया कि उसने कुछ समय पहले दिल्ली के एक टैटू पार्लर में टैटू बनवाया था। संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने एचआईवी और हेपेटाइटिस-बी की जांच कराने की सलाह दी।
जांच में महिला निकली HIV पॉजिटिव
जब जांच रिपोर्ट आई तो महिला एचआईवी पॉजिटिव पाई गई। डॉक्टरों ने बताया कि संक्रमण की संभावित वजह टैटू बनाते समय इस्तेमाल की गई दूषित या पहले से इस्तेमाल की गई सुई हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एचआईवी संक्रमण के कई संभावित कारण हो सकते हैं और किसी एक स्रोत की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही संभव होती है।
सरकारी अस्पताल में शुरू हुआ मुफ्त इलाज
डॉ. श्वेतांक ने बताया कि महिला का एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) उपचार सरकारी अस्पताल में शुरू कर दिया गया है। यह इलाज पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, एचआईवी का अभी तक कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन नियमित दवाओं और समय पर इलाज से संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।
टैटू से सिर्फ HIV ही नहीं, कई और खतरे
डॉक्टरों ने बताया कि टैटू बनवाने से सिर्फ एचआईवी या हेपेटाइटिस का ही खतरा नहीं होता, बल्कि त्वचा से जुड़ी कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
विशेष रूप से लाल और हरे रंग की स्याही से कुछ लोगों में ग्रेन्युलोमेटस रिएक्शन या फॉरेन बॉडी रिएक्शन देखने को मिलता है। इसमें त्वचा पर लाल, खुजलीदार और दर्दनाक चकत्ते उभर सकते हैं।
टैटू बनवाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
डॉ. श्वेतांक ने युवाओं और आम लोगों से टैटू बनवाते समय पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमेशा किसी विश्वसनीय, साफ-सुथरे और प्रमाणित टैटू स्टूडियो का ही चयन करें।
टैटू बनवाते समय यह सुनिश्चित करें कि कलाकार आपके सामने नई, सील पैक और स्टेराइल (कीटाणुरहित) सुई का इस्तेमाल करे। साथ ही स्याही, दस्ताने और अन्य उपकरणों की स्वच्छता की भी जांच करें।
डॉक्टरों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि टैटू बनवाने में छोटी-सी लापरवाही भी लंबे समय तक स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। इसलिए किसी भी टैटू स्टूडियो का चुनाव करते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों को सबसे ज्यादा महत्व देना चाहिए।