3

Recent News

Pilibhit News: दावत के लिए बछड़े की हत्या, फिर पुलिस पर गोली चलाई; 2 महीनों से फरार 'शरीफ' दे रहा था चकमा, गिरफ्तार..

Pilibhit News: दावत के लिए गोवंशीय बछड़े का वध करने और उसके अवशेष गन्ने के खेत में फेंकने के मामले…

Asian Games से पहले भारतीय खिलाड़ी का आत्महत्या की धमकी वाला वीडियो, कहा - 'मां-पापा माफ करना...', लेकिन क्यों?

Asian Games: जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स से ठीक पहले भारतीय वुशु टीम से जुड़ा…

BRICS New Delhi Declaration: पहलगाम हमले पर बड़ा फैसला; आतंकियों की फंडिंग-पनाह देने वालों की खैर नहीं..

BRICS New Delhi Declaration: भारत की अध्यक्षता में BRICS देशों के बीच नई दिल्ली घोषणा पर सहमति बनी है। इसमें…

Shocking News: BJP प्रत्याशी अपने पति और बच्चे समेत लापता, अपहरण? वोटिंग के बाद मोबाइल बंद; पुलिस तलाश में जुटी..

Shocking News: राजस्थान के बारां नगर परिषद चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद वार्ड नंबर-16 से भाजपा प्रत्याशी…

Shocking News: चोरी रोकने के लिए छोड़ा दरवाजे में करंट, चिपक गया 5 साल का मासूम, मौत.. एक बच्ची भी झुलसी!

Shocking News: देवरिया के मईल थाना क्षेत्र के बलिया दक्षिण गांव में चोरी रोकने के लिए लगाया गया बिजली का…

3

Recent News

Pilibhit News: दावत के लिए गोवंशीय बछड़े का वध करने और उसके अवशेष गन्ने के खेत में फेंकने के मामले…

Asian Games: जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स से ठीक पहले भारतीय वुशु टीम से जुड़ा…

BRICS New Delhi Declaration: भारत की अध्यक्षता में BRICS देशों के बीच नई दिल्ली घोषणा पर सहमति बनी है। इसमें…

Shocking News: राजस्थान के बारां नगर परिषद चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद वार्ड नंबर-16 से भाजपा प्रत्याशी…

Shocking News: देवरिया के मईल थाना क्षेत्र के बलिया दक्षिण गांव में चोरी रोकने के लिए लगाया गया बिजली का…

Breaking News

UP Weather News: शारदा का रौद्र रूप! वीडियो में गिरते मकानों का दर्द; कटान से नदी में समाया पक्का मकान..

UP Weather News: शारदा का रौद्र रूप! वीडियो में गिरते मकानों का दर्द; कटान से नदी में समाया पक्का मकान..

UP Weather News: लखीमपुर खीरी में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। जिले में शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई इलाकों में कटान शुरू हो गया है। निघासन तहसील के ग्रंट नंबर-12 गांव में शनिवार को नदी की तेज कटान के कारण एक पक्का मकान नदी में समा गया। वहीं, सरकारी स्कूल के सामने की करीब 30 मीटर डामर सड़क भी कट गई है। नदी लगातार स्कूल की ओर बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूल के बच्चों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट कर दिया है।

शारदा नदी की कटान से पक्का मकान नदी में समाया

लगातार बारिश के चलते शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से निघासन क्षेत्र के ग्रंट नंबर-12 गांव में कटान तेज हो गई। शनिवार को ग्रामीण सरजू का पक्का मकान देखते ही देखते नदी में समा गया। इसके साथ ही बंद पड़े सरकारी स्कूल भवन के सामने की करीब 30 मीटर लंबी डामर सड़क भी कट गई।

कटान की रफ्तार को देखते हुए गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों को डर है कि अगर नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई और मकान भी खतरे में आ सकते हैं।

स्कूल तक पहुंचा खतरा, बच्चों को दूसरे विद्यालय भेजा गया

कटान का सबसे बड़ा खतरा गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय पर मंडरा रहा है। वर्तमान में स्कूल और शारदा नदी के बीच करीब 70 फीट की दूरी ही बची है।

संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को करीब एक किलोमीटर दूर स्थित कतकहिया के सरकारी विद्यालय में स्थानांतरित कर दिया है।

पिछले साल भी मची थी भारी तबाही

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी शारदा नदी ने गांव में भारी तबाही मचाई थी। उस समय दर्जनों मकान, कृषि भूमि और एक विशाल मंदिर नदी में समा गए थे।

इस बार मानसून की शुरुआत के साथ ही नदी फिर से उग्र हो गई है, जिससे बाढ़ और कटान प्रभावित गांवों के लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।

डूब क्षेत्र घोषित होने के बावजूद गांव में चलता रहा विकास

ग्रंट नंबर-12 गांव वर्षों से डूब क्षेत्र घोषित है। इसके बावजूद यहां ग्राम पंचायत का गठन हुआ, पंचायत चुनाव कराए गए और सरकारी योजनाओं का लाभ भी ग्रामीणों को मिलता रहा। गांव में सरकारी विद्यालय भी संचालित होता रहा।

अब ग्रामीण प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि जब क्षेत्र पहले से डूब और कटान प्रभावित था, तो यहां स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

पिछले साल 122 मकान नदी में समा गए थे

ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले वर्ष बाढ़ और कटान के दौरान गांव के 122 मकान नदी में समा गए थे। इससे करीब 150 परिवार बेघर हो गए थे।

अब भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और इस साल फिर कटान शुरू होने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

तीन साल से तटबंध पर रहने को मजबूर हैं परिवार

वर्तमान में करीब 200 परिवार गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर तटबंध पर रहने को मजबूर हैं। लोग तिरपाल, झोपड़ियों और खुले आसमान के नीचे जीवन बिता रहे हैं।

कटान की वजह से उनकी खेती, रोजगार और आजीविका के साधन भी समाप्त हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से वे इसी तरह जीवन गुजार रहे हैं, लेकिन अब तक उनका स्थायी पुनर्वास नहीं किया गया।

ग्रामीण रामबेटी ने बताया कि उनका परिवार पिछले तीन साल से तटबंध पर रह रहा है। हर बारिश के मौसम में दोबारा उजड़ने का डर बना रहता है और अब प्रशासन पर लोगों का भरोसा भी कम होता जा रहा है।

प्रशासन ने कहा- लगातार रखी जा रही है निगरानी

एसडीएम निघासन राजीव निगम ने बताया कि प्रशासन की टीम लगातार पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रही है। ग्रंट नंबर-12 पहले से डूब क्षेत्र घोषित गांव है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिन लोगों के मकान कटान में नदी में समा गए थे, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया गया था। प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीणों की सुरक्षा है और लोगों को लगातार सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

तहसीलदार ने भी किया बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा

गोला तहसील के तहसीलदार अरुण कुमार ने भी शारदा नदी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने बझेड़ा, रेवतीपुरवा, रामनगर, आषाढ़ी और पूजागांव गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित लेखपालों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश जारी किए।

ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग- स्थायी पुनर्वास

ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ और कटान से उनकी जिंदगी तबाह हो जाती है। अस्थायी राहत और मुआवजे के बजाय अब उन्हें स्थायी पुनर्वास की जरूरत है, ताकि हर मानसून में उजड़ने का डर खत्म हो सके।