Pilibhit में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गांधी सभागार में ‘पंच सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन को लेकर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, स्थानीय स्तर पर रोजगार और गांवों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम पर हुआ पंच सम्मेलन
पंच सम्मेलन में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के मुख्य बिंदुओं और विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने योजना के उद्देश्य, शासन संरचना, बजट और वित्त पोषण से जुड़े पहलुओं को भी सम्मेलन में सामने रखा।
गांव में ही रोजगार देने पर जोर
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और श्रमिकों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना है। इससे रोजगार की तलाश में गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 125 दिन के रोजगार का प्रावधान किया गया है और प्रतिदिन ₹300 मजदूरी तय की गई है।
युवा और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की अपील
डीएम ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए युवा और महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को भी बढ़ावा देने की बात कही।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
ग्राम प्रधान गांव की बुनियादी सुविधाओं पर दें ध्यान
सम्मेलन में ग्राम प्रधानों को संबोधित करते हुए डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने गांवों की आधारभूत संरचनाओं को बेहतर बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांवों में विद्यालय, ग्राम सचिवालय और आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर और स्वच्छ बनाया जाए।
उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपने-अपने गांव की जरूरतों के हिसाब से बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
अमृत सरोवर और बारिश के पानी के संरक्षण पर काम
बैठक में डीसी मनरेगा ने विभाग की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्षा के जल संरक्षण के तहत अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार कराया जा रहा है।
इसके साथ ही बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण और जल संरक्षण से जुड़े वृक्षारोपण के कार्य भी कराए जा रहे हैं।
गोमती नदी किनारे 16 ग्राम पंचायतों में हुआ वृक्षारोपण
डीसी मनरेगा ने बताया कि गोमती नदी के किनारे स्थित 16 ग्राम पंचायतों में सघन वृक्षारोपण कराया गया है। इन कार्यों का उद्देश्य जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण को बेहतर बनाना है।
अन्नपूर्ण भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण
ग्रामीण अवसंरचना के तहत अन्नपूर्ण भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण भी कराया गया है। सम्मेलन में नवनिर्मित निर्माण कार्यों को PPT के माध्यम से प्रदर्शित किया गया और किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी गई।
सम्मेलन में ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
पंच सम्मेलन में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, खंड विकास अधिकारी और जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, महिला एवं युवा सशक्तीकरण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।