PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान रविवार को उन्हें देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया गया। उज्बेक भाषा के इस सम्मान का अर्थ ‘उच्च स्तरीय मित्रता’ है। इसके साथ ही पीएम मोदी को मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या 36 हो गई है। दौरे के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम सप्लाई, रक्षा सहयोग और व्यापार बढ़ाने समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया। इस उज्बेक शब्द का मतलब ‘उच्च स्तरीय मित्रता’ है।
May the India-Uzbekistan friendship flourish!
May our bilateral partnership progress across sectors and may our people be prosperous.@president_uz https://t.co/UTGB8xJ2zm pic.twitter.com/grVQiJcS4w
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2026
मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान
उज्बेकिस्तान के इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी को अब तक मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या 36 हो गई है। उपलब्ध सूची के मुताबिक अलग-अलग देशों ने 2016 से 2026 के बीच पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च या प्रमुख राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया है।
| क्र. | देश | वर्ष |
|---|---|---|
| 1 | सऊदी अरब | 2016 |
| 2 | अफगानिस्तान | 2016 |
| 3 | फिलिस्तीन | 2018 |
| 4 | रूस | 2024 |
| 5 | मालदीव | 2019 |
| 6 | बहरीन | 2019 |
| 7 | अमेरिका | 2020 |
| 8 | भूटान | 2024 |
| 9 | पापुआ न्यू गिनी | 2023 |
| 10 | फिजी | 2023 |
| 11 | पलाऊ | 2023 |
| 12 | मिस्र | 2023 |
| 13 | संयुक्त अरब अमीरात | 2019 |
| 14 | फ्रांस | 2023 |
| 15 | ग्रीस | 2023 |
| 16 | डोमिनिका | 2024 |
| 17 | नाइजीरिया | 2024 |
| 18 | गुयाना | 2024 |
| 19 | बारबाडोस | 2025 |
| 20 | कुवैत | 2024 |
| 21 | साइप्रस | 2025 |
| 22 | मॉरीशस | 2025 |
| 23 | श्रीलंका | 2025 |
| 24 | घाना | 2025 |
| 25 | त्रिनिदाद एंड टोबैगो | 2025 |
| 26 | ब्राजील | 2025 |
| 27 | नामीबिया | 2025 |
| 28 | इथियोपिया | 2025 |
| 29 | ओमान | 2025 |
| 30 | इजराइल | 2026 |
| 31 | स्वीडन | 2026 |
| 32 | नॉर्वे | 2026 |
| 33 | स्लोवाकिया | 2026 |
| 34 | सेशेल्स | 2026 |
| 35 | इंडोनेशिया | 2026 |
| 36 | उज्बेकिस्तान | 2026 |
मोदी-शावकत के बीच द्विपक्षीय बैठक
उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने के साथ-साथ ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई।
यूरेनियम सप्लाई पर हुई अहम बातचीत
बैठक में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम सप्लाई को लेकर भी बातचीत हुई। दोनों देश अब यूरेनियम की लंबी अवधि की सप्लाई के लिए नई व्यवस्था बनाने पर काम करेंगे।
भारत परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए यूरेनियम का इस्तेमाल करता है। ऐसे में उज्बेकिस्तान से यूरेनियम की स्थिर सप्लाई भारत के लिए अहम मानी जा रही है।
2030 तक 5 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
भारत और उज्बेकिस्तान ने वर्ष 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार 1 अरब डॉलर से ज्यादा है।
रक्षा क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि दोनों देश रक्षा क्षेत्र में सीधे सहयोग को आगे बढ़ाएंगे। इसके तहत मिलकर हथियारों का उत्पादन और नई तकनीक विकसित करने पर भी काम किया जाएगा।
आतंकवाद और उग्रवाद पर जीरो टॉलरेंस
भारत और उज्बेकिस्तान ने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा माना है। दोनों देशों ने इन खतरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखने पर सहमति जताई।
साझा विरासत रिश्तों की मजबूत नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों की मजबूत नींव दोनों देशों की साझी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क के संबंध रहे हैं।
भारत-उज्बेकिस्तान यूरेनियम कारोबार कितना अहम?
उज्बेकिस्तान भारत को यूरेनियम सप्लाई करता है, जिसका इस्तेमाल भारत परमाणु ऊर्जा के लिए करता है। दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में पहले भी समझौते हो चुके हैं।
2019 में हुआ था 1,100 मीट्रिक टन का समझौता
वर्ष 2019 में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच 1,100 मीट्रिक टन यूरेनियम सप्लाई का समझौता हुआ था।
2023-24 में 350 मीट्रिक टन सप्लाई
वित्त वर्ष 2023-24 में उज्बेकिस्तान की ओर से भारत को 350 मीट्रिक टन यूरेनियम की सप्लाई हुई।
2024-25 में 250 मीट्रिक टन सप्लाई
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत को 250 मीट्रिक टन यूरेनियम की सप्लाई की गई।
अब लंबी अवधि की सप्लाई की तैयारी
अब दोनों देश यूरेनियम की लंबी अवधि की सप्लाई के लिए नई व्यवस्था बनाने पर काम करेंगे। इससे भारत के परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन की सप्लाई को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।
31 अगस्त को किर्गिस्तान जाएंगे पीएम मोदी
उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे। यहां वह SCO की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे।
SCO में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। बिश्केक में होने वाली बैठक में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
शी जिनपिंग और पुतिन से मुलाकात संभव
SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दूसरे देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है।
वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन में भी शामिल होंगे
पीएम मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
किर्गिस्तान में पीएम मोदी के लिए बनेगा गुजराती खाना
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में गांधी रेस्टोरेंट के हेड शेफ चिन्मय बडोदेकर ने बताया कि पीएम मोदी के स्वागत के लिए उनके लिए घर जैसा ताजा गुजराती खाना तैयार किया जाएगा।
नाश्ते में पोहा, उपमा और इडली-सांभर
शेफ के मुताबिक पीएम मोदी के नाश्ते में पोहा, उपमा और इडली-सांभर रखा जाएगा। लंच में थेपला, दाल-चावल और गुजराती सब्जियां परोसी जाएंगी।
डिनर में खिचड़ी-कढ़ी
रात के खाने में पीएम मोदी के लिए खिचड़ी-कढ़ी बनाई जाएगी। इस तरह उनके लिए गुजराती स्वाद वाला खास मेन्यू तैयार किया जा रहा है।
भारत के लिए मध्य एशिया क्यों अहम है?
प्रधानमंत्री मोदी का मध्य एशिया दौरा भारत की रणनीतिक और आर्थिक जरूरतों के लिहाज से काफी अहम है। इस क्षेत्र में ऊर्जा, खनिज और व्यापार के लिहाज से बड़ी संभावनाएं हैं।
1. खनिजों का बड़ा भंडार
भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इस क्षेत्र में तेल, गैस, यूरेनियम और दूसरे महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है।
2. ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद
भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। यूरेनियम सप्लाई पर बातचीत भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
3. नए बिजनेस और ट्रांसपोर्ट रूट
भारत मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी और कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
4. आतंकवाद के खिलाफ सहयोग
अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).