Pilibhit News: दावत के लिए गोवंशीय बछड़े का वध करने और उसके अवशेष गन्ने के खेत में फेंकने के मामले में पीलीभीत की जहानाबाद पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी शरीफ पुत्र सद्दीक निवासी ग्राम सकुटिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक शरीफ गौकशी के इस मामले में वांछित था और गिरफ्तारी से पहले पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर फरार हो गया था। 11 सितंबर को सितारगंज बाईपास स्थित नए पुल के पास उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार दावत के लिए बछड़े के वध और खेत में अवशेष फेंके जाने की पूरी कहानी सामने आई।
दावत के लिए बछड़े का वध, गन्ने के खेत में फेंके गए अवशेष
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में शरीफ ने गौकशी की घटना से जुड़ी जानकारी दी। पुलिस का दावा है कि बुधई खां की दावत के लिए शरीफ ने अपने पुत्र राशिद, कासिम, तस्लीम उर्फ वली अहमद और अन्य लोगों के साथ मिलकर गोवंशीय बछड़े का वध किया था।
मांस दावत में इस्तेमाल करने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार वध के बाद मांस का इस्तेमाल दावत में किया गया था। इसके बाद पशु के अवशेष ग्राम पंसौली के गन्ने के खेत में फेंक दिए गए। 20/21 जुलाई की रात खेत में गोवंशीय अवशेष मिलने के बाद मामला सामने आया और जहानाबाद पुलिस ने जांच शुरू की।
खेत में अवशेष मिलने के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
ग्राम पंसौली के गन्ने के खेत में गोवंशीय पशु के अवशेष मिलने के बाद पुलिस ने पशु चिकित्सक से उनका परीक्षण कराया। इसके बाद थाना जहानाबाद में मु0अ0सं0 273/2026 के तहत धारा 3/5/8 उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में शरीफ समेत अन्य आरोपियों के नाम सामने आए
मामले की विवेचना आगे बढ़ने के साथ पुलिस के अनुसार शरीफ समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश देना शुरू किया। इसी दौरान मामला एक पुलिस मुठभेड़ तक पहुंच गया।
पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार हुए थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक 22 जुलाई को कासिम अली, तस्लीम उर्फ वली अहमद और शरीफ ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कासिम अली घायल होकर गिरफ्तार हो गया, जबकि शरीफ और तस्लीम मौके से फरार हो गए।
मुठभेड़ के बाद पुलिस के लिए वांछित था शरीफ
पुलिस टीम पर फायरिंग के बाद शरीफ और तस्लीम वांछित हो गए थे। पुलिस लगातार दोनों की तलाश कर रही थी। अब 11 सितंबर को जहानाबाद पुलिस ने शरीफ को गिरफ्तार कर लिया है।
सितारगंज बाईपास के नए पुल के पास गिरफ्तार हुआ आरोपी
पुलिस के अनुसार वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 11 सितंबर को कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में थाना जहानाबाद पुलिस ने सितारगंज बाईपास स्थित नए पुल के पास घेराबंदी की और शरीफ को गिरफ्तार कर लिया।
शरीफ के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी शरीफ का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ थाना अमरिया में मु0अ0सं0 389/2017 और 117/2023 तथा थाना जहानाबाद में मु0अ0सं0 130/2018 दर्ज है।
गौवध, पशु क्रूरता और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले
पुलिस के अनुसार शरीफ के आपराधिक रिकॉर्ड में गौवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। वर्तमान गौकशी प्रकरण में मु0अ0सं0 273/2026 दर्ज है।
पुलिस टीम पर फायरिंग का भी मुकदमा
पुलिस के मुताबिक शरीफ के खिलाफ पुलिस टीम पर फायरिंग से संबंधित मु0अ0सं0 276/2026 भी दर्ज किया गया है। इस तरह गौकशी के मामले के साथ पुलिस टीम पर फायरिंग का मामला भी उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई का हिस्सा बना।
SP के निर्देश पर चल रहा था वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी का अभियान
पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक पीलीभीत के निर्देश पर वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जहानाबाद पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे शरीफ की गिरफ्तारी की।
अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
गौकशी के मामले में पुलिस मुठभेड़ के बाद लंबे समय तक फरार रहे शरीफ की गिरफ्तारी को जहानाबाद पुलिस की कार्रवाई की अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अब मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).