Pilibhit News: पीलीभीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा एवं जनकल्याणकारी सेवा काल के उपलक्ष्य में शुरू किया गया ‘सेवा संकल्प अभियान’ मां गोमती के पावन उद्गम स्थल से भव्य और आध्यात्मिक माहौल में शुरू हुआ। गोमती तट पर हजारों दीप जलाए गए और महाआरती की गई। कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि किसी भी जनकल्याणकारी योजना की असली सफलता तभी है, जब उसका लाभ सिर्फ कागजों पर न रहे, बल्कि पात्र व्यक्ति की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे।
हजारों दीपों से जगमगा उठा गोमती उद्गम स्थल
सेवा संकल्प अभियान के पहले दिन मां गोमती उद्गम स्थल पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। गोमती तट पर बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित किए गए। देखते ही देखते दीपों की कतारों से पूरा उद्गम स्थल रोशनी से जगमगा उठा।
इसके बाद विधिविधान से मां गोमती की महाआरती की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की गई। दीपोत्सव और महाआरती से गोमती तट का माहौल भक्तिमय नजर आया।
सेवा संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर
मुख्य कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, प्रदेश मंत्री श्रीमती सुभाषिनी जायसवाल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुर्कीति माधव, मुख्य विकास अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा और केंद्र सरकार की अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का मकसद केवल कार्यक्रम करना नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना और लोगों की भागीदारी को मजबूत करना है।
डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया सेवा की असली सफलता क्या है
‘लाभ कागजों पर नहीं, पात्र के जीवन में दिखना चाहिए’
जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने सेवा संकल्प अभियान को प्रशासन और जनता के बीच संवाद और सहभागिता मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी जनकल्याणकारी योजना की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका लाभ कागजों तक सीमित न रहे और पात्र व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की योजनाओं की जानकारी गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा, बुजुर्ग और जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी तरीके से पहुंचे।
डीएम ने कहा कि पात्र व्यक्ति को किसी योजना का लाभ लेने के लिए भटकना न पड़े और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसे समय पर लाभ मिले, इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
सरकारी कार्यक्रम नहीं, जनभागीदारी का अभियान बने
जिलाधिकारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सेवा संकल्प अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम बनाकर न रखा जाए, बल्कि इसे व्यापक जनभागीदारी के अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाए।
उनके मुताबिक जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मिलकर विकास और जनसेवा की गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं, तो सरकारी योजनाओं का प्रभाव ज्यादा व्यापक और लंबे समय तक रहने वाला होता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान के दौरान होने वाले कार्यक्रम केवल औपचारिकता पूरी करने तक सीमित न रहें। हर गतिविधि का सीधा संबंध जनहित और पात्र लाभार्थियों से होना चाहिए।
उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में आम लोगों तक पहुंचाने और पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई पर भी जोर दिया।
विकसित भारत के संकल्प से जुड़ेगा पीलीभीत
जिलाधिकारी ने कहा कि सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करते हुए जिले में होने वाली गतिविधियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग विकास की प्रक्रिया से जुड़े और सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, यही इस अभियान की सार्थकता होगी।
अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों को पूरी गंभीरता से संचालित करने के निर्देश दिए गए। जनहित से जुड़े कार्यों में संवेदनशीलता के साथ काम करने पर भी जोर दिया गया।
प्रशासन की मंशा साफ बताई गई कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और सेवा का वास्तविक असर जमीन पर दिखाई दे।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
स्वास्थ्य से लेकर रोजगार और जनजागरूकता तक होंगे कार्यक्रम
पीलीभीत में सेवा संकल्प अभियान को एक महीने का व्यापक स्वरूप दिया गया है। यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, दिव्यांगजन कल्याण, स्वच्छता, रोजगार, महिला एवं बाल कल्याण, जनजागरूकता और अन्य जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचेगा अभियान
अभियान के तहत विद्यालयों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य और दिव्यांग शिविर, नुक्कड़ नाटक, सेवा गतिविधियां और अलग-अलग जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
इन गतिविधियों के जरिए अभियान को गांवों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सरकारी योजनाओं और जनसेवा से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिल सके।
गोमती उद्गम से निकला सेवा और जनभागीदारी का संदेश
मां गोमती के उद्गम स्थल पर दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान पीलीभीत में सेवा और जनभागीदारी के संदेश का प्रतीक बना। एक तरफ हजारों दीपों की रोशनी ने गोमती तट को आध्यात्मिक माहौल दिया, तो दूसरी तरफ प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम के सामाजिक पक्ष को सामने रखा।
कार्यक्रम के समापन पर मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने, सेवा कार्यों में भागीदारी बढ़ाने और समाजहित में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस तरह मां गोमती के पावन उद्गम से पीलीभीत में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत सिर्फ दीपोत्सव और महाआरती के साथ नहीं हुई, बल्कि जनसेवा, सुशासन और लोगों की भागीदारी का संदेश भी दिया गया।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).