Pilibhit: जेएनयू में छात्राओं की शिकायतों को लेकर कांग्रेस सांसद प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इसी मामले को लेकर सोमवार, 12 अक्टूबर को पीलीभीत में भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदर्शन किया। भाजपा की मांग है कि कांग्रेस अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई करे और उन्हें पार्टी से बाहर निकाले। पार्टी इस मामले को महिला सम्मान और सुरक्षा से जोड़कर उठा रही है। लेकिन आखिर यह पूरा मामला क्या है, सांसद पर क्या आरोप लगे और नौकरी से बर्खास्त होने के बाद भी भाजपा उनसे इस्तीफा क्यों मांग रही है? आइए, आसान भाषा में समझते हैं।
जेएनयू में क्या हुआ था, सांसद पर क्या आरोप लगे?
अंगोमचा बिमोल अकोइजम मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं। वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर भी थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, छात्राओं ने उनके खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार की शिकायतें की थीं।
शिकायतों में आरोप लगाया गया कि छात्राओं को बैठक या मिलन-समारोह के बहाने उनके आवास पर बुलाया गया और वहां कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया गया। इन शिकायतों की जांच जेएनयू की आंतरिक समिति ने की थी।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि ये शिकायतों में लगाए गए आरोप हैं। अकोइजम ने आरोपों को खारिज किया है। मामले को समझते समय आरोपों और अदालत में साबित हुए अपराध के बीच अंतर रखना जरूरी है।
जेएनयू ने सांसद को नौकरी से निकाल दिया, फिर विवाद क्यों?
विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेज के मुताबिक, जेएनयू ने 9 अक्टूबर 2026 को अकोइजम को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया था। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच और उसकी सिफारिश के बाद की गई।
लेकिन नौकरी से बर्खास्त होने और किसी राजनीतिक पार्टी से निकाले जाने में फर्क है। जेएनयू ने उनके खिलाफ अपने संस्थान में कार्रवाई की है, जबकि भाजपा अब कांग्रेस से अपने सांसद के खिलाफ पार्टी के स्तर पर कार्रवाई करने की मांग कर रही है।
यानी भाजपा चाहती है कि कांग्रेस इस मामले में अपना रुख साफ करे और सांसद को पार्टी से बाहर निकाले। भाजपा के कुछ नेताओं ने उनके सांसद पद से इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
FIR भी दर्ज, लेकिन क्या दोष साबित हो गया?
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की। अब पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया का अपना अलग महत्व है।
FIR दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति का अपराध साबित हो गया। इसी तरह, विश्वविद्यालय से बर्खास्तगी भी अपने आप में अदालत की ओर से आपराधिक दोषसिद्धि नहीं है। मामले में आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के नतीजों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
पीलीभीत में भाजपा महिला मोर्चा ने क्यों किया प्रदर्शन?
भाजपा महिला मोर्चा ने 12 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा था। पीलीभीत में भी इसी प्रदेशव्यापी अभियान के तहत प्रदर्शन किया गया। भाजपा इस मामले को महिला सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा बताते हुए कांग्रेस पर सवाल उठा रही है।
पार्टी की रणनीति के तहत महिला मोर्चा को प्रदर्शन की अगुवाई करने और दूसरे संगठनात्मक पदाधिकारियों व महिला जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में भाग लेने के निर्देश दिए गए थे। प्लेकार्ड, बैनर और पार्टी के झंडों के साथ विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गई थी।
प्रस्तुत संगठनात्मक दस्तावेज में राजधानी में 10 अक्टूबर को प्रदर्शन और धरने की योजना का भी जिक्र है। वहां करीब 3,000 महिलाओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद 12 अक्टूबर को प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन प्रस्तावित किए गए।
भाजपा की असली मांग क्या है?
इस पूरे मामले में भाजपा की मांग को सीधे शब्दों में समझें तो पार्टी चाहती है कि कांग्रेस अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई करे और उन्हें पार्टी से बाहर निकाले। भाजपा नेताओं ने सांसद पद से इस्तीफे की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
वहीं, अकोइजम आरोपों को नकार चुके हैं। ऐसे में एक तरफ भाजपा राजनीतिक जवाबदेही की मांग कर रही है, तो दूसरी तरफ शिकायतों से जुड़े तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया का पूरा होना भी अहम है।
पीलीभीत में हुआ प्रदर्शन इसी विवाद को लेकर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेशव्यापी विरोध कार्यक्रम का हिस्सा था। अब इस मामले में आगे की स्थिति कांग्रेस के रुख, पुलिस की जांच और संबंधित आधिकारिक कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).