रिपोर्ट : संतोष तिवारी
प्रेम के बंधन में बंध कर भगवान को अपने भक्तों की रक्षा,धर्म के उत्थान और अधर्म के विनाश के लिए समय समय पर प्रकट होना ही पड़ा,फिर चाहे वह हिरण्यकश्यप के यहां खम्भ रहा हो,दशरथ का आंगन या कंस का कारागार।उक्त विचार व्यास कौशलेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को ग्राम जुनेदपुर में श्री मद भागवत कथा प्रांगण में व्यक्त किए।
गुरसहायगंज मे शुक्रवार को आयोजित श्री मद्भागवत कथा के दौरान ग्राम जुनेद पुर में व्यास कौशलेंद्र द्विवेदी ने कहा कि बहिन देवकी के आठवें गर्भकाल को जानकर क्रूर शासक और भाई कंस ने उन्हें वसुदेव जी के साथ हथकड़ी व बेड़ियां डलवाकर कारागार में बंद करा दिया और पहरे दारों को देवकी का गर्भ काल पूर्ण होने और शिशु के जन्म होते ही जानकारी देने को कह दिया। भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि बारह बजे देवकी और वसुदेव के समक्ष एक अलौकिक छवि ने प्रकट हो कर दर्शन देते हुए तुरन्त जन्मे शिशु का रूप ले लिया।इस प्रकार कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ।श्री कृष्ण जी के अवतार के साथ ही वसुदेव और देवकी स्वतः बंधन मुक्त हो गए।कारागार के फाटक के ताले खुलने के साथ ही पहरेदार गहन निद्रा में चले गए।आकाशवाणी के अनुसार वसुदेव सूप में बालकृष्ण को लिटाकर यमुना पार नंद भवन पहुंचा कर वहां से योगमाया के रूप में जन्मी कन्या को ले वापस कारागार आ गए।इसके बाद ही मथुरा में देवकी के गर्भ से शिशु जन्म की सूचना कंस को मिली। उधर गोकुल में नंद बाबा के घर पुत्र जन्म सुन खुशी में महिलाओं ने मंगलगीत “जन्म लियो यदुराई नंद घर बाजत बधाई” सोहर आदि गाए।भक्तों ने दधि कांधौ के साथ फूलों की वर्षा कर उत्सव मनाया।श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाने के साथ ही खाटू श्याम बाबा के जन्म दिन का भी आयोजन किया गया।इस दौरान खाटू श्याम के अवतरण की कथा श्रवण के बाद युवा वरिष्ठ सपा नेता संदीप मिश्रा ने केक काट कर,बाबा खाटू श्याम और श्रीकृष्ण जी के भक्तों,ज्ञानू प्रजापति, ओम प्रकाश बाथम,अजमेर पाल,उमेश पाल, एस के पाल,सौरभ पाल,आदि के साथ,धूमधाम से जन्म दिन मनाया।