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Banda News: अवैध खनन मामले में अखिलेश यादव को सीबीआई का नोटिस: दूसरी तरफ मरौली, बरियारी समेत कई खदानों में जारी है अवैध खनन

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हो रहा अवैध खनन अब भाजपा सरकार की गले की फांसी बनता जा रहा है। जिले की मरौली बालू खदान सबसे बड़ी खदान है जहां लगातार प्रतिबंधित पोकलैंड मशीनों से दिन रात नदी का सीना छलनी किया जा रहा है और सीमा से कहीं ज्यादा गहराई तक खनन किया जा रहा है भविष्य में ग्रामीणों और बे जुबान जानवरों की मौत का कारण बनेगा वहीं बरियारी बालू खदान से भी अवैध खनन की खबरें सामने आई हैं। यह दोनों खदान संजू गुप्ता के नाम है जो अधिकारियों के साथ सांठ गांठ कर बेधड़क तरीके से अवैध खनन और अवैध परिवहन करा रहा है। वहीं महुटा बालू खदान में अवैध खनन की सारी हदें पार हो चुकीं हैं। नदी की जलधारा से लेकर किसान की जमीन तक खोदे डाल रहा है जिसकी शिकायत किसान ने कई बार की है पर कोई कार्रवाई नहीं हुई अधिकारी मौके पर जाते है और किसान को लॉली पॉप देकर चले जाते है और खनन असलहों के दम पर जस का तस जारी रहता है। इतना ही नहीं बबेरू तहसील अंतर्गत दांदौ बालू खदान से भी अवैध खनन की खबरे सामने आ चुकी है पर वहां भी किसी प्रकार की कार्रवाई कोई सूचना नहीं मिली।

वहीं खनिज अधिकारी शासन प्रशासन को राजस्व की दुहाई देकर भ्रमित करने का काम कर रहे हैं और अवैध खनन और परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं जिसके चलते सरकार और पार्टी की आम जनमानस में खासी किरकिरी हो रही है। जबकि हकीकत यह है की सरकार को जितना राजस्व मिलना चाहिए खनन पर उतना नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन नियमों को ताक पर रख कर खनन करा रहे हैं । इन बालू खदानों से लगातार अवैध खनन की तस्वीरें सामने आ रहीं है पर प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। वहीं सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई है की खनिज विभाग के एक अधिकारी राजनीतिक षणयंत्र खेल रहे है जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे वहां एक तरफ शासन को राजस्व की दुहाई देकर गुमराह कर रखा है की अगर खदानों पर कार्रवाई की गई तो खदाने सरेंडर कर देंगे और सरकार को राजस्व से हांथ धोना पड़ेगा। जिसके चलते अब अवैध खनन को छूट दे दी गई है। जिसकी खबरे लगातार प्रशारित हो रहीं है साथ ही प्रताड़ित किसान भी लगातार शिकायत कर रहा है पर उस पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं और जनता का विश्वास कम होता नजर आ रहा और भाजपा सरकार बदनाम हो रही है।

सीबीआई याचिका कर्ता एडवोकेट विजय द्विवेदी ने तो यहां तक कह डाला है की सपा सरकार से ज्यादा भाजपा सरकार में अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है। वहीं सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव को सीबीआई ने पूंछ तांछ के लिए समन जारी किया है जिसकी याचिका विजय द्विवेदी ने सन 2012 में डाली थी तब से बुंदेलखंड में हुए अवैध खनन की जांच हो रही है और कई खनन माफिया सीबीआई और ईडी की रडार पर हैं। कुछ दिनों से यह मामला शांत था लेकिन अब एक बार फिर सीबीआई एक्टिव हो गई है और अखिलेश यादव को समन जारी कर दिया है। वहीं वर्तमान में चल रही अवैध खनन की खबरें विपक्षियों के लिए सोने पे सुहागा साबित हो सकती हैं और सीबीआई का रुख इस ओर मुड़ सकता है।