दिल दहला देने वाले उत्तर प्रदेश के देवरिया हत्याकांड में हुई 6 लोगों की हत्या के बाद सभी के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान भारी सुरक्षा बल की तैनाती के बीच सत्य प्रकाश के पूरे परिवार में पत्नी और दो बेटी सहित बेटे को अग्नि दी गई। वहीं प्रेमचंद के शव को दूसरे स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया। जिसके बाद अब तक पचास लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमे अब तक चौदह आरोपियों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की जा रही है
देवरिया जिले का खूनी खेल आखिरकार अग्नि में प्रवाहित कर ही दिया गया। एक तरफ मौत की नींद में समाए सत्य प्रकाश के पूरे परिवार को जिले के रामपुर कारखाना के पटना घाट पर अंतिम क्रिया क्रम किया गया। जिसमें सत्य प्रकाश के बेटे देवेश दुबे ने अपने पिता-माँ किरण और बहन सलोनी और नंदिनी समेत भाई गांधी दुबे को मुखाग्नि दी। इस दौरान घाट पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही पुलिस का ख़ुफ़िया विभाग हर एक पर नजर बनाए हुआ था। आपको बताते चलें कि जिस वक्त अंतिम संस्कार किया जा रहा था। तब चारों तरफ आग की लपटों की आवाज गूंज रहीं थीं। लोगों में आक्रोश बना हुआ था। जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रात में ही पांचों शवों का अंतिम संस्कार करा दिया गया, और मृतक सत्य प्रकाश के बेटे देवेश को सुरक्षा प्रदान की गई है।
वहीँ दूसरी तरफ पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव का भी अंतिम संस्कार पुलिस अभिरक्षा में कराया गया। यहां भी भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी, और आने जाने हर एक संदिग्ध पर नजर बनी हुई थी। आपको बताते चलें कि देवरिया जिले की रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव के टेड़हा टोला में जमीनी विवाद के चलते पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद मृतक प्रेमचंद के परिजनों के साथ समर्थकों ने सत्य प्रकाश दुबे के साथ पत्नी और दो बेटियों संग एक बेटे को मौत के घाट उतार दिया था। जिसके बाद से तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, वहीं प्रशासन ने इस हत्याकांड में अब तक पचास लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जिसमे अब तक चौदह लोग गिरफ्तार किए गए हैं।