( गुगरापुर से संतोष तिवारी की रिपोर्ट )
गुगरापुर क्षेत्र के गांवों में पुलिस की मिली भगत से लकड़ी माफियाओं द्वारा धडल्ले से अवैध रूप से हरे पेड़ों का कटान कराया जा रहा है जिससे वृक्ष धरा के भूषण,करते दूर प्रदूषण नारा खोखला साबित होता जा रहा।
विकास खंड गुगरापुर की चौकी नौरंगपुर और चौकी कुसुमखोर के अंतर्गत गांव सौसरापुर के आस पास, गोरी क्षेत्र और कुसुमखोर के गांव गुलरियन पुरवा क्षेत्र में चौकी पुलिस का संरक्षण होने से हरे पेड़ों को धडल्ले से काटा जा रहा।इलेक्ट्रानिक आरा मशीन से ठेकेदार बड़ी ही सुगमता से पेड़ों को कटवा कर इधर से उधर कर देते। प्रशासन ने यदि इस तरफ ध्यान न दिया तो धरती प्रदूषण मुक्त नहीं वल्कि प्रदूषण युक्त होती रहेगी।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है