कोरोना संक्रमित 4 वर्षीय बच्चा की इलाज के दौरान मौत , स्वास्थ्य सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
ROHTAS NEWS: करगहर थाना क्षेत्र के तोरनी गांव में कोरोना संक्रमित एक चार वर्षीय बच्चा की नारायण मेडिकल अस्पताल जमुहार में इलाज के दौरान मौत हो गई । रोहतास जिला सिविल सर्जन डॉ केएन तिवारी ने इसकी पुष्टि की है। बताया गया कि तोरनी निवासी नीरज कुमार शर्मा दिल्ली में स्थित एक कंपनी में कार्य करते थे । परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गांव आए थे । दो दिनों बाद उनके पुत्र 4 वर्षीय आयुष कुमार सर्दी, बुखार और खांसी से पीड़ित हो गया ।

जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई । जिसे लेकर परिजन सदर अस्पताल सासाराम पहुंचे । जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति देखते हुए इलाज के लिए तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया । परिजनों ने जमुहार नारायण मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने पीड़ित बच्चे का अन्य जांच सहित कोरोना जांच कराई । जांच में उक्त बच्चा पॉजिटिव पाया गया । बच्चा को कोरोना स्पेशल वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया । जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई । मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा आनन फानन में कोरोना पॉजिटिव मृत बच्चा का शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया । परिजन शव को लेकर एक निजी वाहन में घर पहुंचे और ग्रामीणों और रिश्तेदारों के सहयोग से अंतिम संस्कार कर दिया ।

सुरक्षा के मानकों को ध्यान दिए बिना ही कोरोना संक्रमित बच्चा का शव परिजनों को सौंपने पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कोरोना पॉजिटिव बच्चों के इलाज के दौरान हुई मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा जिस सहजता के साथ बच्चा का शव परिजनों को सौंप दिया गया । एक बड़ी लापरवाही का द्योतक है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जारी गाइड लाइन के मुताबिक सुरक्षा की दृष्टि से शव को एम्बुलेंस में पीपी किट पहने स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में उसके गांव भेजना चाहिए था । लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोरोना पॉजिटिव बच्चे का शव सामान्य रूप से कैसे सौंपा गया । यह जांच का विषय है । बिना सुरक्षा के बच्चा का शव परिजनों को सौंपे जाने को लेकर संक्रमण की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला स्वास्थ्य समिति को इसकी जानकारी दी । जिसके आलोक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कान खड़े हो गए । जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करगहर को इसकी जानकारी दी गई और कहा गया कि कोरोना संक्रमित मृत बच्चा के परिजनों ,रिश्तेदारों और संपर्क में आए ग्रामीणों की कोरोना जांच तत्काल कराकर उन्हें सूचित करें । मेडिकल टीम का गठन कर तोरनी गांव में कोरोना जांच के लिए टीम रवाना हो गई है ।