उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के लाख प्रयासों के बाद भी बांदा स्वास्थ्य व्यवस्था में घर बना चुकी जालसाजी और ठगी दिन प्रतिदिन पैर पसारती जा रही है और आम जनता की खून पसीने की कमाई एक झटके में लूटी जा रही है। जहां एक तरफ जांच के नाम पर और बाहरी दवाओं में कमीशनखोरी जारी है वहीं ऑपरेशन के नाम पर हजारों रुपए की मांग की जाती है। अब तो जालसाजी भी सुरु हो गई है सरकारी से प्राइवेट में रेफर कराकर फंसाया जाता है और हजारों रुपए ठगे जाते हैं।
ऐसा ही एक मामला जनपद बांदा के शहर कोतवाली अंतर्गत सामने आया है। जहां के रहने वाले पीड़ित बब्बू सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देते हुए बताया की वह कालुकुवा इलाके का रहने वाला है उसकी बहू की पहली डिलीवरी होनी थी जिसे लेकर वह महिला जिला अस्पताल पहुंचा जहां गोमती नाम की आशा बहु मिली और वह गुमराह कराकर मेडिकल कॉलेज ले गई जहां उसने नीलम सिंह डॉक्टर से मिलाया डॉक्टर ने अपने प्राइवेट हॉस्पिटल में डिलीवरी करने की बात कही और 15 हजार रुपए खर्चा बताया जिसके बाद मेडिकल कॉलेज से रेफर करा लिया जब नंदराज प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे तो डॉक्टर नीलम ने कहा बच्चा गंदा पानी पी गया है जच्चा बच्चा दोनो को जान का खतरा है ऑपरेशन करना पड़ेगा इस पर पीड़ित ने मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन कराने की बात कही पर डॉक्टर नीलम ने कहा की अब समय नहीं बचा अगर जच्चा बच्चा को कुछ हो जाए तो हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं ऑपरेशन का कंप्लीट 35 हजार रुपए लगेगा और सारी सुविधाएं मिलेंगी जिस पर वह लोग तैयार हो गए पर ऑपरेशन के बाद बच्चे को खतरा बताकर मेडिकल कॉलेज के आई सी यू में भर्ती कराया जबकि सारी सुविधा इसी अस्पताल में देने की बात कही थी और सुविधा न दे पाने पर कटौती की भी बात हुई थी लेकिन डिस्चार्ज के समय 48 हजार रुपए का बिल बना दिया विरोध करने पर डॉक्टर नीलम धमकी देते हुए प्रसूता के टाके काटने जाने लगी और कोई इंजेक्शन लगाने के लिए नर्स से मंगाने लगी जिसे पीड़ित परिवार ने रोका और मजबूरी में पूरे पैसे जमा करने पड़े।
वही इस मामले में जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं जिसपर चिकित्सा अधिकारी ने इसे कृत्य को गलत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।