मायावती संन्यास अफवाहें: लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने मीडिया में चल रही संन्यास की अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक बयान जारी करते हुए इसे झूठा करार दिया है। साथ ही, एक प्रेस नोट में उन्होंने बाबा भीमराव अंबेडकर और मान्यवर काशीराम जी के दिशा-निर्देशों पर चलने की बात कही है।
मायावती का खंडन
सुश्री मायावती ने अपने बयान में कहा है कि बहुजनों के अम्बेडकरवादी आंदोलन को कमजोर करने की विपक्ष की साजिशों को विफल करने का उनका संकल्प अडिग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बीएसपी के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के आंदोलन को अपनी आखिरी सांस तक समर्पित रहेंगी।
सक्रिय राजनीति से संन्यास का कोई सवाल नहीं
मायावती ने यह भी उल्लेख किया कि सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी ने श्री आकाश आनंद को उनके अस्वस्थ होने की स्थिति में उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया है, इसके बावजूद मीडिया जातिवाद पर आधारित झूठी खबरें फैला रहा है। उन्होंने जनता से सतर्क रहने की अपील की है।
राष्ट्रपति बनने की अफवाह भी निराधार
मायावती ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति बनने की अफवाह पहले भी उड़ाई जा चुकी है। मान्यवर काशीराम जी ने भी राष्ट्रपति बनने के प्रस्ताव को इस आधार पर ठुकरा दिया था कि यह सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने जैसा होगा, जो पार्टी हित में नहीं था। इसलिए, उनकी शिष्या के लिए ऐसा प्रस्ताव स्वीकार करना असंभव है।
इस प्रकार, मायावती ने स्पष्ट किया है कि वह राजनीति में सक्रिय रहेंगी और अफवाहों पर ध्यान नहीं देंगी।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है