कानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशानुसार सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर 31 अगस्त तक अपलोड करना अनिवार्य था। कानपुर में इस आदेश का पालन न करने वाले 3087 पुलिस कर्मियों का अगस्त माह का वेतन रोक दिया गया है।कानपुर पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 31 अगस्त तक संपत्ति का ब्यौरा अपलोड न करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (मुख्यालय) विपिन मिश्रा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जब तक ये पुलिसकर्मी अपनी संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड नहीं करते और उसकी प्रति आंकिक शाखा में जमा नहीं करते, तब तक उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा।

कर्मियों को अंतिम 24 घंटे का समय
विपिन मिश्रा ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए उन्हें 24 घंटे का अतिरिक्त समय दिया गया है। यदि इस समयावधि में भी संपत्ति का ब्यौरा अपलोड नहीं किया जाता है, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ये हैं संपत्ति सार्वजनिक न करने वाले कर्मी
इंस्पेक्टर/सब इंस्पेक्टर : 1185
हेड कांस्टेबल : 618
कांस्टेबल : 75
शस्त्र पुलिस: 154
एलआईयू: 19
परिवहन : 46
ट्रैफिक : 22
डायल 112 : 177
घुड़सवार पुलिस: 2
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी: 85
कंप्यूटर ऑपरेटर: 28
अस्पताल कर्मचारी: 4
रिक्रूट आरक्षी :2
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सभी सरकारी कर्मचारियों को उनकी संपत्ति का ब्यौरा अपलोड करने का आदेश दिया गया है। अब पुलिसकर्मियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे इस आदेश का पालन करें अन्यथा वेतन रोकने के साथ-साथ उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
