जेल में करवा चौथ: महिला कैदियों की उम्मीदें और करवा चौथ की धूम
जेल में करवा चौथ: शाहजहांपुर में करवा चौथ का पर्व हर भारतीय नारी के लिए खास होता है, लेकिन जब यह पर्व जेल की चार दीवारों के भीतर मनाया जाए, तो इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है। शाहजहांपुर की ज़िला जेल में बंद 24 महिला कैदी इस करवा चौथ पर भी अपने पतियों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखेंगी।
जेल अधीक्षक मिजाजी लाल के अनुसार, जेल प्रशासन ने इन महिला बंदियों के लिए करवा चौथ की सारी तैयारियाँ की हैं। श्रृंगार की सामग्री से लेकर नई साड़ियाँ और सूट तक जेल में उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे इस पर्व को पूरी श्रद्धा और धूमधाम से मना सकें।
जेल में करवा चौथ: चांद का इंतजार और पतियों से मुलाकात
रविवार को चंद्रमा को अर्घ्य देकर, महिलाएं अपने पतियों का दीदार चलनी के बीच से करेंगी। जेल प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिन महिला कैदियों के पति जेल में नहीं हैं, वे उनसे जेल में मिल सकें। अगर किसी महिला का पति जेल में बंद नहीं है, तो उसे विशेष अनुमति दी गई है कि वह अपने पति को जेल बुलाकर मिल सके।
जेल में करवा चौथ: आपराधिक दुनिया से दूरी का संदेश
जेल में करवा चौथ मनाने की यह व्यवस्था महिला कैदियों के लिए एक मौका है कि वे अपने अपराधों से परे, अपने परिवार के लिए कुछ खास करें। यह पर्व उन महिलाओं के जीवन में आशा की एक किरण लेकर आता है, जो जेल की कठिनाइयों का सामना कर रही हैं।
श्रृंगार सामग्री और व्रत की तैयारी
करवा चौथ के लिए जेल प्रशासन ने करवा, चूड़ा, घी, बतासे, मेहंदी, लिपस्टिक, नेल पॉलिश, महावर, काजल, सिंदूर, बिंदी और चूड़ियों जैसी तमाम सामग्रियां उपलब्ध कराई हैं। इसके अलावा, शनिवार को महिला कैदियों को एक साथ इकट्ठा किया गया, ताकि वे एक-दूसरे के हाथों में मेहंदी लगा सकें।
यह करवा चौथ इन महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने का प्रतीक हो सकता है, जहां वे अपने अतीत से निकलकर समाज की मुख्यधारा में वापस आ सकती हैं।

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