UP News: झांसी में नर्सिंग छात्रा के अपहरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दरअसल, यह पूरी कहानी एक झूठी साजिश निकली। 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा ने ऑनलाइन गेमिंग में ढाई लाख रुपये की रकम हारने के बाद पिता से पैसे ऐंठने के लिए खुद के अपहरण की योजना बनाई। इस साजिश में उसके प्रेमी और तीन अन्य युवक शामिल थे।
ऑनलाइन गेम ने बिगाड़ा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झांसी के राघवेंद्र कॉलेज से जीएनएम की पढ़ाई कर रही नर्सिंग छात्रा, अगस्त में एक ऑनलाइन गेम “बिग डैडी” और “गोल्ड डिगर” में फंस गई। शुरुआत में उसने कुछ पैसे जीते, लेकिन धीरे-धीरे लाखों रुपये हार गई। अपनी गेमिंग की लत पूरी करने के लिए उसने उधार लेकर रकम चुकाने की कोशिश की, लेकिन दबाव बढ़ने पर उसने अपहरण का झूठा प्लान बनाया।
कैसे रची गई साजिश?
छात्रा ने अपने प्रेमी, हृदेश रायकवार, जो आईटीआई छात्र है, और दोस्त प्रियांशु रायकवार, जो इंजीनियरिंग का छात्र है, को अपने प्लान में शामिल किया।
योजना के अनुसार:
- छात्रा ने घर से झांसी जाने की बात कही और झांसी बस स्टैंड से प्रेमी के साथ ग्वालियर पहुंच गई।
- वहां उसने एक होटल में रुककर अपने हाथ-मुंह बंधे हुए फोटो और वीडियो शूट कराए।
- इन वीडियो को एडिट कर प्रियांशु ने छात्रा के पिता को भेजा और 6 लाख रुपये की फिरौती की मांग की।
- इस दौरान छात्रा के साथियों और उसके पिता के बीच व्हाट्सएप चैट भी हुई।
पुलिस की सक्रियता से खुला मामला
उधर, पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने सीडीआर (कॉल डेटा रिकॉर्ड) के जरिए जांच शुरू की। जांच में मिले सूत्रों के आधार पर पुलिस ने पहले झांसी में प्रियांशु और उसके दो साथियों शिवम और नंदकिशोर को गिरफ्तार किया। फिर नर्सिंग छात्रा और उसके प्रेमी को नोएडा से गिरफ्तार किया।
छात्रा ने क्यों बनाया अपहरण का प्लान?
पुलिस के मुताबिक, छात्रा को पता था कि उसके पिता के पास पैसे हैं। हाल ही में उन्होंने बेटी की शादी के लिए दो लाख रुपये की व्यवस्था की थी। सीधा पैसा मांगने पर उसे मना किया जा सकता था, इसलिए उसने अपहरण का नाटक रचा।
झूठी साजिश पर पुलिस का बयान
झांसी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “अपहरण के इस झूठे मामले ने कई लोगों की जान जोखिम में डाल दी। छात्रा और उसके साथियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
ऑनलाइन गेमिंग के खतरे पर चर्चा
यह मामला ऑनलाइन गेमिंग की लत और इसके आर्थिक-मानसिक प्रभाव को उजागर करता है। माता-पिता और शिक्षकों को इस प्रकार की लत से बच्चों को बचाने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही यह घटना न केवल पारिवारिक रिश्तों पर असर डालती है, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग के खतरनाक पहलुओं को भी उजागर करती है।
