3

Recent News

यूपी में अंबेडकर जयंती: कहीं भंडारा, कहीं खून से पेंटिंग, तो कहीं चले जूते-चप्पल.. अखिलेश ने खाई छोले-पूड़ी!
Breaking: वेदांता पावर प्लांट में ब्लास्ट, बॉयलर फटने से तबाही.. 9 की मौत, 30-40 गंभीर, बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा!

Breaking: छत्तीसगढ़ के Sakti जिले में मंगलवार दोपहर एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। Vedanta Limited के पावर प्लांट में…

यूपी में BJP नेता का फर्जी एनकाउंटर: MLC ने कहा - "घर से उठाया, आंखो पर पट्टी बांधकर मारी गोली, CCTV भी नष्ट किया"

BJP नेता का फर्जी एनकाउंटर: उत्तर प्रदेश के Azamgarh जिले में एक पुलिस मुठभेड़ का मामला अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा…

UP News: आज होना था जिस अंबेडकर प्रतिमा का अनावरण, रातों-रात गायब हुई मूर्ती.. ग्रामीण भड़के, पुलिस बल तैनात!
Bihar CM: Nitish Kumar का इस्तीफा! पहली बार बिहार को मिला BJP का मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी लेंगे शपथ..

Bihar CM: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब 20 साल तक मुख्यमंत्री रहे Nitish Kumar…

3

Recent News

Breaking: छत्तीसगढ़ के Sakti जिले में मंगलवार दोपहर एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। Vedanta Limited के पावर प्लांट में…

BJP नेता का फर्जी एनकाउंटर: उत्तर प्रदेश के Azamgarh जिले में एक पुलिस मुठभेड़ का मामला अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा…

Bihar CM: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब 20 साल तक मुख्यमंत्री रहे Nitish Kumar…

Breaking News

UP News: चन्दन गुप्ता की हत्या के मामले में 28 को उम्रकैद, 2018 के दंगे में मारी गई थी गोली

UP News: कासगंज में 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान भड़की हिंसा और चंदन गुप्ता की हत्या के मामले में विशेष अदालत ने 28 आरोपियों को दोषी ठहराया है। इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। एक दिन पहले एनआईए की विशेष अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया था, जबकि दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई थी और चंदन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

एनआईए कोर्ट का फैसला

एनआईए की विशेष अदालत के न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने इस मामले में 28 आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा, आरोपी बरकतुल्लाह के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी करने का आदेश भी दिया गया।

अधिनियमों के तहत सजा

आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी गई। इनमें धारा 147 (दंगा), 148 (दंगा करने के लिए उपद्रव), 149 (दंगे के दौरान भागीदार), 341 (रास्ता रोकना), 336 (किसी के जीवन को खतरे में डालने का प्रयास), 307 (हत्या का प्रयास), 504 (जानबूझकर अपमान), 506 (धमकी देना) और राष्ट्रध्वज अपमान निवारण अधिनियम की धारा 2, आयुध अधिनियम की धारा 2/25 भी शामिल है। विशेष रूप से, आरोपी सलीम को आयुध अधिनियम की धारा 25/27 के तहत भी दोषी करार दिया गया।

घटना का विवरण: तिरंगा यात्रा में भड़की हिंसा

कासगंज में 26 जनवरी 2018 को विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी और हिंदू वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने तिरंगा यात्रा का आयोजन किया था। इस यात्रा में 100 से अधिक लोग मोटरसाइकिलों पर सवार होकर तिरंगा लेकर निकले थे। यात्रा बड्डूनगर क्षेत्र तक पहुंची, जहां गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम चल रहे थे। यात्रा को आगे बढ़ने से रोकने को लेकर दो पक्षों में तनातनी शुरू हो गई, जिसके बाद पथराव हुआ। थोड़ी ही देर में दंगे भड़क गए और गोली चलने से चंदन गुप्ता की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे कासगंज में दंगे फैल गए और प्रशासन को स्थिति को काबू में करने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ीं।

निष्कर्ष:

कासगंज में हुई हिंसा और चंदन गुप्ता की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस मामले में न्यायालय ने कड़ी सजा देकर यह साबित किया कि ऐसे हिंसक कृत्य और अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, कुछ आरोपी संदेह का लाभ पाते हुए बरी भी हुए हैं, लेकिन इस फैसले से यह संदेश गया है कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह फैसला कासगंज के दंगे से प्रभावित परिवारों के लिए न्याय का प्रतीक साबित हो सकता है, और यह देशभर में सामुदायिक सौहार्द और शांति के महत्व को भी रेखांकित करता है।