UP News: बरेली के ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर महाकुंभ में धर्मांतरण की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि महाकुंभ मेले के दौरान कई सौ मुसलमानों का धर्मांतरण कराया जा सकता है, जो समाज में तनाव और विवाद उत्पन्न कर सकता है। मौलाना ने इस मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
धर्मांतरण पर चिंता जताते हुए पत्र में क्या लिखा?
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि कुंभ मेला एक धार्मिक आयोजन है और इसका उद्देश्य शांति और सद्भाव का संदेश देना है। उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि अगर महाकुंभ में धर्मांतरण कार्यक्रम चलाए जाते हैं, तो इससे कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा मिलेगा और देशभर में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से इस पर कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
मौलाना ने यह भी कहा कि महाकुंभ मेले में धर्मांतरण पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा धर्मांतरण हुआ तो यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए धर्मांतरण विरोधी कानून का उल्लंघन होगा। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीरता से उठाते हुए इसे समाज में धार्मिक तनाव उत्पन्न करने वाला कदम बताया है।
संभल मामले में ओवैसी का समर्थन:
इस पत्र के साथ ही मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान का समर्थन भी किया। ओवैसी ने मथुरा, काशी और संभल के मामलों को लेकर चिंता जताई थी। मौलाना ने कहा कि मथुरा में हिंदू पक्ष बहुत तेजी से सक्रिय हो रहा है और यदि यही स्थिति बनी रही तो मथुरा भी हाथ से निकल सकता है। इसके अलावा, उन्होंने संभल में पुलिस चौकी के निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए थे और कहा था कि वक्फ बोर्ड से अनुमति लिए बिना इसका निर्माण करना गलत है।
निष्कर्ष
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी का यह पत्र धार्मिक आयोजनों में धर्मांतरण के खिलाफ उनकी चिंता को दर्शाता है। उधर, मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन द्वारा एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान के समर्थन ने राजनैतिक हलचल भी तेज कर दी है।