मौलाना साले ने सरेआम की बहनोई की पिटाई, पेड़ से बांधकर की दरिंदगी! वीडियो वायरल होते ही पुलिस भी रह गई सन्न
पीलीभीत जिले के अमरिया थाना क्षेत्र का मामला | वायरल वीडियो ने खोले मौलाना की हैवानियत के राज
पीलीभीत में मौलाना की दरिंदगी: डर, दहशत और दरिंदगी का खुलासा:
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद से एक ऐसी खौफनाक घटना सामने आई है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। अमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरा मझलिया गांव में एक मौलाना शमसुद्दीन द्वारा अपने ही सगे बहनोई यासीन को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मौलाना किसी तालिबानी जल्लाद की तरह यासीन को कमरे में ले जाकर डंडों से पीट रहा है। युवकछटपटा रहा है। और चीखने-चिल्लाने की आवाजें वीडियो में दिल दहला देने वाली हैं। वायरल होते ही गांव में दहशत फैल गई है और पुलिस भी जांच में जुट गई है।
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पीड़ित यासीन, जो कि पिंजरा भट्टे पर टैगा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, पिछले कुछ समय से काम बंद हो जाने के कारण आर्थिक तंगी झेल रहा था। इस बीच, उसके साले मौलाना शमसुद्दीन ने अपनी बहनों को यासीन के घर से बुलाकर खुद ही उसे “सजा” देना शुरू कर दिया।
यासीन पर किसी घरेलू विवाद का आरोप लगाकर मौलाना ने उसे पहले कमरे में बंद किया, फिर पेड़ से बांधकर जमकर पीटा। इस अमानवीय घटना को किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद से मामले ने तूल पकड़ लिया है।
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घटना के बाद पूरे बरा मझलिया गांव में तनाव और डर का माहौल बन गया है। वीडियो वायरल होते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू कर दी गई है।
थाना अमरिया पुलिस ने फिलहाल पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए हैं और आरोपी मौलाना की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में क्या है?
युवक को बेरहमी कमरे में पीटा जा रहा है
मौलाना के हाथ में डंडा और चेहरे पर गुस्से की आग
युवक की चीखें और कराह का दर्दनाक दृश्य
आसपास कोई बचाने नहीं आ रहा – खौफ और खामोशी हावी
सवाल जो प्रशासन से पूछे जा रहे हैं:
क्या मौलाना को कानून से ऊपर समझ लिया गया है?
अगर वीडियो सामने न आता तो क्या पीड़ित की चीखें दबा दी जातीं?
क्या घरेलू विवाद में इस तरह की तालिबानी सजा जायज है?
क्या पीड़ित को सुरक्षा मिलेगी या मामला दबा दिया जाएगा?
कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा न जाए! मौलाना हो या आम आदमी – दरिंदगी की जगह सिर्फ सलाखों के पीछे है।
पीड़ित को न्याय मिले और आरोपी मौलाना शमसुद्दीन पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो – यही होना चाहिए।