3

Recent News

पीलीभीत में प्रकृति का पुनर्जागरण: कटना नदी पुनरुद्धार से बदलेगी तस्वीर, जल–जीवन–जमीन को लेकर बड़ा कदम पीलीभीत जनपद में आज…

ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आंदोलन पर बड़ा खुलासा: सरकार सख्त, जायज़ मांगों पर विचार, अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने की…

अंबेडकर जयंती पर यूपी में भयंकर बवाल: भीड़ ने DSP, तहसीलदार सहित पुलिस की कई गाड़ियां तोड़ दी, लगाई आग..
Fuel Price India: पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक महंगा हो सकता है? कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन..

Fuel Price India: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रह सकती। विदेशी…

Breaking News: PM Modi और Donald Trump के बीच 40 मिनट बातचीत, बोले—“भारत के लोग आपको..”

Breaking News: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच करीब 40 मिनट तक फोन…

3

Recent News

पीलीभीत में प्रकृति का पुनर्जागरण: कटना नदी पुनरुद्धार से बदलेगी तस्वीर, जल–जीवन–जमीन को लेकर बड़ा कदम पीलीभीत जनपद में आज…

ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आंदोलन पर बड़ा खुलासा: सरकार सख्त, जायज़ मांगों पर विचार, अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने की…

Fuel Price India: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रह सकती। विदेशी…

Breaking News: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच करीब 40 मिनट तक फोन…

Breaking News

संभल में सपा विधायक का जहर उगलता बयान: शिव भक्तों को कहा ‘गुंडे-बावलिया’, कांवड़ यात्रा पर ऊगली आग

संभल में सियासी भूचाल: सपा विधायक इकबाल महमूद का जहरीला बयान, शिव भक्तों को बताया “गुंडे-बावलिया”, भड़क उठी राजनीति

संभल (उत्तर प्रदेश) – कांवड़ यात्रा के पवित्र माहौल में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सदर विधायक इकबाल महमूद ने ऐसा बयान दे दिया है जिसने पूरे उत्तर प्रदेश की सियासत को आग में झोंक दिया। पूर्व मंत्री और सपा के कद्दावर नेता ने खुलेआम कहा कि “आज जो सड़कों पर नजर आ रहे हैं, वे शिव भक्त कम, गुंडे-बावलिया ज्यादा दिखते हैं।” महमूद के इस बयान ने न केवल शिव भक्तों की भावनाओं को चोट पहुंचाई है, बल्कि प्रदेश भर में आस्था और राजनीति को टकराव के मुहाने पर लाकर खड़ा किया है।

संभल में सपा विधायक का जहर उगलता बयान: “शिव भक्ति नहीं, गुंडागर्दी… ऐसे लोग नर्क के लायक” – महमूद की विवादित टिप्पणी

सपा विधायक ने संभल में मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रा की आड़ में कुछ लोग सड़कों पर अराजकता फैला रहे हैं। महमूद ने कहा, “जिनकी हरकतें भक्ति से ज़्यादा बदतमीज़ी जैसी हैं, उन्हें ऊपर वाला स्वर्ग में जगह नहीं देगा, नर्क में भी नहीं।”
यह बयान आते ही माहौल गरम हो गया। सोशल मीडिया पर महमूद की क्लिप वायरल हो रही है, जहां लोग सवाल उठा रहे हैं – क्या शिव भक्तों को “गुंडा” कहने की हिम्मत महमूद की अपनी राजनीति का हिस्सा है या सपा का एजेंडा?

संभल में सपा विधायक का जहर उगलता बयान:“हमारी सरकार बनेगी तो अलग रास्ता देंगे शिव भक्तों को” – फिर भड़की बहस

विधायक ने आगे कहा कि कांवड़ यात्रा एक धार्मिक परंपरा है, लेकिन इसे कुछ लोग धर्म के नाम पर अराजकता फैलाने का जरिया बना रहे हैं। महमूद ने दावा किया कि अगर सपा की सरकार बनी तो “शिव भक्तों के लिए अलग रास्ता बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालु यात्रा कर सकें और आम जनता को परेशानी न हो।”
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह व्यवस्था का वादा है या आस्था पर हमला? बीजेपी और हिंदू संगठनों ने इसे हिंदू विरोधी बयान बताते हुए सपा पर तीखे वार किए हैं।

संभल में सपा विधायक का जहर उगलता बयान: गंगा-जमुनी तहजीब की दुहाई या दोहरी राजनीति?

महमूद ने अपने बयान में गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम एकता की दुहाई देते हुए कहा कि देश का हिंदू आज भी सेकुलर है, लेकिन कुछ तत्व माहौल खराब कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब माहौल खराब करने की बात हो रही है तो शिव भक्तों को “गुंडा-बावलिया” कहना किस हद तक जायज़ है?
कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बयान मुस्लिम वोट बैंक को साधने और हिंदू वोटरों को भड़काने का एक सुनियोजित प्रयास है।

विरोधी दलों का हमला – “आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं”

बीजेपी, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने महमूद के बयान को आस्था पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि यह “सपा की हिंदू विरोधी मानसिकता” का प्रमाण है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर महमूद माफी नहीं मांगते तो प्रदेश भर में प्रदर्शन होंगे।
वहीं, सपा समर्थकों का कहना है कि विधायक ने केवल अराजकता के खिलाफ आवाज उठाई, न कि किसी धर्म के खिलाफ।

संभल में सपा विधायक का जहर उगलता बयान: क्या यह बयान सपा के लिए मुसीबत बनेगा?

जैसे-जैसे वीडियो वायरल हो रहा है, माहौल सियासी संग्राम में बदलता जा रहा है। चुनावी मौसम में यह बयान सपा के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है, क्योंकि हिंदू वोटरों में नाराजगी तेज होती दिख रही है।
क्या अखिलेश यादव खुद इस बयान पर सफाई देंगे? या सपा इसे “अराजकता के खिलाफ” बयान बताकर बचाव करेगी?

मुज़फ्फरनगर दहला: कांवड़ यात्रा से पहले बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़, क्या है आरोपियों का पाकिस्तान से कनेक्शन?