आधी रात का खौफ… पांच नकाबपोश बदमाश, हथियारों से लैस, और मासूम की गर्दन पर मौत की धार!
रायपुर बिचपुरी गांव की नींद उस रात चीखों में तब्दील हो गई, जब पांच नकाबपोश डकैत दीवार फांदकर सफरुल खान के घर में दाखिल हुए। तमंचे और चाकू की नोक पर – 9 तोला सोना, 47 हजार कैश, और मासूम की जिंदगी दांव पर! बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाया, हाथ-पांव बांधे, और रात के अंधेरे में फरार हो गए।
गांव दहशत में है… पुलिस सवालों के घेरे में… और मासूम की आंखों में अब भी बसी है वो रात की दहशत!”
मासूम के गले पर चाकू, पिता की आंखों में मौत का साया!
परिवारवालों की माने तो डकैतों की दरिंदगी की हद तब पार हुई जब उन्होंने सफरुल के महज दो साल के बेटे जियान की गर्दन पर चाकू रख दिया। धमकी साफ थी – “जो कुछ है, तुरंत दे दो, नहीं तो अभी इसी बच्चे की जान जाएगी।” मासूम की जान बचाने के लिए सफरुल ने घर में रखा 9 तोला सोना – चार हार, दो जोड़ी झुमके, एक अंगूठी – और 47 हजार नकद उनके हवाले कर दिए।
सोना और कैश लूटकर भागे!
डकैतों ने घर की पूरी तलाशी ली, लेकिन 100 ग्राम चांदी को हाथ तक नहीं लगाया। उनका निशाना सिर्फ सोना और नकदी था। वारदात के बाद दरिंदों ने सफरुल को हाथ-पांव बांधकर, मुंह में कपड़ा ठूंसकर कमरे में कैद कर दिया और रात के अंधेरे में फरार हो गए।
डेढ़ घंटे तक बंधा पड़ा रहा सफरुल, पुलिस की नींद टूटी देर से!
करीब डेढ़ घंटे बाद सफरुल की बहन सोन बी की नींद टूटी। घर में सन्नाटा और अंधेरा देखकर उसने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जब खोजबीन की गई तो सफरुल कमरे में बंधा मिला । डायल 112 को कॉल करने के बाद भी पुलिस करीब सवा घंटे देर से मौके पर पहुंची, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा भड़क गया।
क्षेत्राधिकारी पूरनपुर की माने तो
वारदात की पुष्टि करते हुए कहा है कि घटना संदिग्ध लग रही है और कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। घर में इतनी बड़ी मात्रा में सोना और नकदी होने की जानकारी डकैतों को कैसे मिली, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर सबूत जुटा रही है, सीओ ने दावा किया है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
गांव में दहशत, पुलिस पर सवाल!
वारदात के बाद पूरा गांव दहशत में है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं – आखिर पांच नकाबपोश हथियारबंद बदमाश आधी रात को गांव में घुसे कैसे? गश्त कहां थी? पुलिस क्यों सवा घंटे तक सोती रही? फिलहाल जांच जारी है, लेकिन गांव में खौफ का माहौल थमने का नाम नहीं ले रहा।
दिनदहाड़े लड़की के हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाया, सड़क पर 90 मिनट – ‘भैया, बचा लो’ चिल्लाती रही!