PILIBHIT: आधी रात गांव में मची अफरा-तफरी, पुलिस को ही चोर समझ ग्रामीणों ने किया घेराव — उत्तर प्रदेश के गांवों में अफवाहों से उबले हालात
पीलीभीत
उत्तर प्रदेश के सैकड़ों गांव इन दिनों ड्रोन चोर और रात में आने वाले नकाबपोश गिरोहों की अफवाहों से दहशत में हैं। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और मौखिक चर्चाओं ने ग्रामीणों के बीच ऐसा डर फैला दिया है कि अब वे रातभर जागकर लाठी-डंडे के साथ पहरा देने को मजबूर हैं।
लेकिन इस डर ने उस वक्त हैरान कर देने वाला मोड़ ले लिया, जब पीलीभीत के घुंघचाई थाना क्षेत्र के दिलावरपुर गांव में ग्रामीणों ने आधी रात को पुलिस की टीम को ही चोर समझकर घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया।
PILIBHIT: दबिश देने पहुंची पुलिस बनी ग्रामीणों की “शिकार”
मामला बुधवार रात करीब 12 बजे का है। लखीमपुर जिले की भीरा पुलिस एक युवती के फरार होने के मामले में दबिश देने के लिए दो गाड़ियों से गांव पहुंची थी। जैसे ही ये गाड़ियां गांव की गलियों में घूमने लगीं, ग्रामीणों को शक हुआ कि यह वही “ड्रोन चोर गैंग” हो सकता है, जिसकी चर्चा इन दिनों पूरे प्रदेश में चल रही है।
शक के आधार पर कुछ ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, “चोर आ गए, चोर आ गए!” — और देखते ही देखते पूरे गांव में भगदड़ मच गई।
PILIBHIT: लाठी-डंडे लेकर उमड़े ग्रामीण, घेर ली पुलिस की गाड़ी
अगले ही कुछ मिनटों में बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर बाहर निकल आए। उन्होंने दोनों पुलिस की गाड़ियों को घेर लिया और चोर समझकर पूछताछ के नाम पर बहसबाजी और घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिसकर्मी जब अपनी पहचान बताने लगे तो ग्रामीणों ने उन पर भरोसा करने से इनकार कर दिया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि गांव में मौजूद भीरा पुलिस खुद फंस गई और स्थिति बेकाबू होने लगी।
पुलिस बन गई ग्रामीण गुस्से की शिकार
भीरा पुलिस ने स्थानीय घुंघचाई थाना को मामले की सूचना दी। कुछ ही समय में थाने से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पूछताछ और जांच के बाद जब ग्रामीणों को सच्चाई पता चली कि ये कोई चोर नहीं, बल्कि असल में पुलिस ही है, जो एक केस की तफ्तीश में आई थी — तब जाकर मामला शांत हुआ।
पुलिस ने फिर दी चेतावनी: “कानून को हाथ में न लें”
इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस फिर सक्रिय हो गई है। जनता से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।
अगर आपको रात में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या ड्रोन उड़ता दिखे, तो सीधे 112 पर कॉल करें या नजदीकी थाने को सूचित करें। कानून को अपने हाथ में लेना खतरनाक हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि —
हम आपकी सुरक्षा के लिए 24×7 मुस्तैद हैं, लेकिन अफवाहों से बनी दहशत कानून व्यवस्था में बाधा बन सकती है।
अफवाह बनाम वास्तविकता
प्रदेशभर में इन दिनों ड्रोन चोर, गैस-स्प्रे गिरोह, नींद की दवा छिड़कने वाले चोरों को लेकर अफवाहें तेजी से फैली हैं। कई जिलों में बिना किसी पुष्टि के लोग अजनबियों पर हमला तक कर रहे हैं।
हालांकि, अधिकतर मामलों में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। पुलिस लगातार गांवों और शहरों में गश्त बढ़ा रही है और लोगों को समझा रही है कि बिना सत्यापन किसी पर शक न करें।
थाना घुंघचाई के प्रभारी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कहीं कोई घटना होती है तो पुलिस को वहां जाना ही पड़ेगा, क्योंकि यह उनकी ड्यूटी का हिस्सा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अफवाहों के जाल में न उलझें और पुलिस को अपना काम निर्बाध रूप से करने दें। पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर रहती है, इसलिए विश्वास बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति या संदेहास्पद गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें।
दिलावरपुर जैसी घटनाएं यह बताती हैं कि अफवाहें कैसे हमारे सोचने-समझने की शक्ति को खत्म कर देती हैं। पुलिस और प्रशासन को संदेह से देखना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। ज़रूरत है जागरूकता की, न कि अफवाहों पर चलने की।
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