Tiger Attack: इंसानी बस्तियों पर वन्यजीवों का कहर, खेतों और जंगल किनारे दो दर्दनाक घटनाओं से दहशत
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और महाराजगंज जिलों में पिछले 48 घंटों के भीतर बाघ और तेंदुए के हमलों ने ग्रामीणों के दिलों में दहशत भर दी है। खेतों में मेहनत करने वाले किसान से लेकर घास काटने गई किशोरी तक, वन्यजीवों के हमले अब सीधे इंसानी जिंदगी को निगल रहे हैं। एक तरफ लखीमपुर में खेत पर काम कर रहे किसान की जान चली गई, तो दूसरी ओर महाराजगंज में तेंदुए के हमले से एक किशोरी जीवन और मौत के बीच जूझ रही है। इन घटनाओं ने न सिर्फ परिजनों बल्कि पूरे इलाके में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है।
लखीमपुर खीरी: खेत पर काम कर रहे किसान को बाघ ने बनाया निवाला
लखीमपुर खीरी जिले के संपूर्णानगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लगदाहन में रहने वाले 45 वर्षीय किसान हरिचन्द्र अपनी रोज़ की तरह शुक्रवार दोपहर खेत पर काम करने गए थे। लेकिन देर शाम तक उनके वापस न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ी।
शनिवार सुबह ग्रामीणों ने खेत में किसान का अधखाया शव देखा। यह दृश्य देखकर गांव में चीख-पुकार मच गई। बाघ के हमले की पुष्टि होने के बाद पूरा इलाका खौफ में डूब गया।
Tiger Attack: परिजनों का कोहराम और ग्रामीणों में दहशत
हरिचन्द्र की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रो-रोकर उनका बुरा हाल है। वहीं, आसपास के ग्रामीणों में भी गहरी दहशत फैल गई है। अब लोग खेतों में अकेले जाने से डरने लगे हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा।
Tiger Attack: वन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर
घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और गांव व खेतों में निगरानी शुरू कर दी गई। टीम ने आसपास के क्षेत्रों में गश्त तेज़ कर दी है ताकि बाघ को पकड़ा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि बाघ को जल्द से जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाए, ताकि गांवों में शांति लौट सके।
महाराजगंज: तेंदुए ने किशोरी को बनाया निशाना
दूसरी घटना महाराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के शिवपुरी रेंज के बसंतपुर की है। यहाँ 14 वर्षीय ममता नामक किशोरी अपने घर से पास के खेतों में घास काटने गई थी।
अचानक झाड़ियों से निकलकर आए तेंदुए ने ममता पर हमला कर दिया। तेंदुए के तेज़ पंजों और दाँतों से किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई।
Tiger Attack: ग्रामीणों की बहादुरी से बची जान
हमले के दौरान ममता की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़े। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ घबराकर भाग खड़ा हुआ। इसके बाद घायल ममता को तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया।
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
ममता की गंभीर हालत को देखते हुए स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नज़र रख रही है।
Tiger Attack: वन विभाग की कड़ी निगरानी
मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने इलाके में गश्त बढ़ा दी।
डीएफओ निरंजन सुर्वे ने बयान दिया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए हैं और ड्रोन कैमरों से इलाके पर निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।
सवाल खड़े करती घटनाएँ
लगातार हो रही बाघ और तेंदुए की घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना दिया है।
एक ओर किसान खेतों में सुरक्षित नहीं हैं,
दूसरी ओर घास काटने गई किशोरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
यह घटनाएँ वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष की ओर इशारा करती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि जंगलों के पास इंसानी गतिविधियों के बढ़ने से बाघ-तेंदुए अब इंसानी बस्तियों तक पहुँचने लगे हैं।