कानपुर में ‘सितारे जमीन पर’ कार्यक्रम ने न्यूरो डायवर्जेंट बच्चों की प्रतिभा से जीता सभी का दिल, देखिये कैसे
कहते हैं कि यदि मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो कोई कठिनाई आपको रोक नहीं सकती। इसका सुंदर उदाहरण उत्तर प्रदेश के कानपुर में देखने को मिला, जहां शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतियों का सामना कर रहे नन्हे बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पढ़िए इस तरह से आश्चर्यचकित रह गए लोग
दरअसल, कानपुर के लाल बंगला स्थित डिस्कवरी एबिलिटी सेंटर में ‘सितारे जमीन पर नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की सभी प्रस्तुतियाँ न्यूरो डायवर्जेंट बच्चों द्वारा दी गईं। यहाँ आटिज्म, डाउन सिंड्रोम और एडीएचडी जैसी स्थितियों से ग्रसित बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों के दिल जीत लिए।
डॉक्टर सूफ़िया ने किया जागरूक
कार्यक्रम की संचालिका डॉ. सूफिया अख्तर ने बताया कि ये बच्चे भले ही दूसरों से अलग हों, लेकिन किसी भी मायने में कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और निरंतर थेरेपी के माध्यम से इन बच्चों में आश्चर्यजनक सुधार देखा जा रहा है।
बच्चों को बनाया गया आत्मनिर्भर
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इन बच्चों को ऑक्यूपेशनल और स्पीच थेरेपी, न्यूरो डेवलपमेंट ट्रीटमेंट, और स्पेशल एजुकेशन प्रदान की जाती है। यही कारण है कि ये बच्चे धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बन रहे हैं और अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने में सक्षम हो रहे हैं।
देखभाल से बच्चों की बीमारी को किया जा सकता है दूर
हालाँकि, इन स्थितियों से ग्रसित बच्चों में आमतौर पर आँखों में आँखें मिलाकर बात करने में हिचकिचाहट, ध्यान की कमी और अन्य गतिविधियों में कठिनाई जैसे लक्षण देखे जाते हैं, फिर भी उचित देखभाल और उपचार से इन चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अतः यह कार्यक्रम इस बात का प्रेरणादायी संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद, यदि सही प्रयास किए जाएँ तो हर बच्चा अपनी प्रतिभा से सफलता की नई उड़ान भर सकता है।
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