राघव शुक्ला ने इस तरह से बताया अर्थ
15 वर्ष लग गए इस सेवा में
हालाँकि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में आवारा कुत्तों को पकड़कर एक स्थान पर बंद करने की बात कही गई है, जो कहीं-न-कहीं पशु क्रूरता को दर्शाता है। जिसको लेकर राघव शुक्ला का कहना है कि आवारा कुत्तों द्वारा होने वाली घटनाएँ चिंता का विषय हो सकती हैं, *फिर भी* इसके लिए सरकार वैकल्पिक व्यवस्था कर सकती है।
ये हैं मुख्य मांग
* आवारा कुत्तों का वैक्सीनेशन
* बीमार अथवा पागल कुत्तों के लिए अलग चिकित्सकीय व्यवस्था
जैसे समाधान अपनाकर इस समस्या को मानवीय तरीके से दूर किया जा सकता है।
अतः पशु प्रेमियों ने अपील की है कि सरकार और संबंधित संस्थाएं कुत्तों के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए समाधान निकालें, ताकि किसी भी जीव पर अनावश्यक अत्याचार न हो।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है