पीलीभीत: सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी से भड़के बजरंग दल कार्यकर्ता, थाने का घेराव कर जताया विरोध
पीलीभीत। सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी ने जिले में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। नाराज बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने रविवार को माधोटांडा थाना का घेराव किया और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालात तब शांत हुए जब पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सौ से अधिक कार्यकर्ताओं का थाना घेराव
रविवार को बजरंग दल के कार्यकर्ता गोविंद राणा (निवासी माधोटांडा) और शिवम कुमार (निवासी शाहगढ़) के नेतृत्व में लगभग सौ कार्यकर्ता माधोटांडा थाना पहुंचे। सभी ने मिलकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा और कहा कि इंस्टाग्राम आईडी से हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शाहगढ़ निवासी विशाल, शिवम, सुरेंद्र, नीरज, मानपाल, गोपाल और बांग्ला मित्रसेन निवासी राहुल ने भगवान राम के खिलाफ अभद्र शब्दों का प्रयोग किया है। इस मामले को लेकर हिंदू समाज में गहरा आक्रोश है और लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
पुलिस पर उदासीनता का आरोप
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन हर बार पुलिस की कार्रवाई केवल कागज़ों तक सीमित रह जाती है। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
करीब एक घंटे तक चले हंगामे और बहस के बाद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। जब पुलिस ने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाकर कार्यकर्ता शांत हुए और थाने से वापस लौटे।
पहले भी हो चुकी है शिकायत
बताया जा रहा है कि शनिवार को भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जिसमें माधोटांडा थाना क्षेत्र के गुलाबटांडा निवासी वाजिद अली और बादल सागर के खिलाफ हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का अभियोग दर्ज किया गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से हिंदू संगठनों में रोष गहराता जा रहा है।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सोशल मीडिया पर की गई छोटी-सी लापरवाही समाज में बड़े विवाद और धार्मिक तनाव को जन्म दे सकती है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को सजग रहकर हर शिकायत पर तुरंत और सख्त कार्रवाई करनी होगी।
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