3

Recent News

पीलीभीत न्यूज़: मासूम अब्बास को RBSK योजना के तहत जन्मजात कटे होंठ का मुफ्त ऑपरेशन। सरकारी पहल से लौटी मुस्कान, गरीब परिवार को मिली नई उम्मीद।

पीलीभीत न्यूज़: जन्मजात कटे होंठ से जूझ रहे मासूम अब्बास को मिला नया जीवन, RBSK योजना से मिली नई मुस्कान…

Paper Leak Bill 2026: PM Modi का बड़ा एक्शन! बनेगी हाईपावर टास्क फोर्स, इंफोसिस को-फाउंडर होंगे अध्यक्ष..

Paper Leak Bill 2026: देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंता के बीच प्रधानमंत्री…

पीलीभीत में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 86 शिक्षकों को हेल्थ कार्ड वितरित। मिलेगा कैशलेस इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा।

शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को मिली नई ताकत: पीलीभीत में ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ, 86 शिक्षकों…

पीलीभीत को कृषि निर्यात हब बनाने की बड़ी पहल। 27 परियोजनाओं का लोकार्पण, हाईटेक नर्सरी, आधुनिक मंडियां, खेती और किसानों को नई सौगात।

पीलीभीत को मिला कृषि विकास का नया विजन: हाईटेक नर्सरी, एक्सपोर्ट सेंटर और आधुनिक मंडियों से किसानों की बदलेगी तस्वीर…

पीलीभीत, पूरनपुर तराई क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी। 26 जुलाई से कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस शुरू होगी, यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी सुविधा।

पीलीभीत रेल कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार: कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस से बदलेगी तराई की तस्वीर पीलीभीत। वर्षों से जिस रेल सेवा…

3

Recent News

पीलीभीत न्यूज़: जन्मजात कटे होंठ से जूझ रहे मासूम अब्बास को मिला नया जीवन, RBSK योजना से मिली नई मुस्कान…

Paper Leak Bill 2026: देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंता के बीच प्रधानमंत्री…

शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को मिली नई ताकत: पीलीभीत में ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ, 86 शिक्षकों…

पीलीभीत को मिला कृषि विकास का नया विजन: हाईटेक नर्सरी, एक्सपोर्ट सेंटर और आधुनिक मंडियों से किसानों की बदलेगी तस्वीर…

पीलीभीत रेल कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार: कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस से बदलेगी तराई की तस्वीर पीलीभीत। वर्षों से जिस रेल सेवा…

Breaking News

गज़ब बेइज्जती: हवा-हवाई लोकार्पण कांड – बिना काम, शिलापट्ट ले भागे नेता जी

गज़ब बेइज्जती: बलिया का “हवा-हवाई लोकार्पण कांड” – बिना काम, शिलापट्ट के नाम!

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में नगर पालिका परिषद ने विकास का नया फार्मूला खोज निकाला है – काम बाद में, शिलापट्ट पहले! जी हां, शहर के कुँवर सिंह चौराहे समेत कई जगहों पर लाखों रुपये की लागत से सुंदरीकरण और विकास कार्य का लोकार्पण करने के लिए शिलापट्ट तो लगवा दिए गए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वहां एक रुपये का भी काम नहीं हुआ। नतीजा यह हुआ कि जब स्थानीय लोगों और कॉलेज प्रशासन ने सवाल उठाया तो आनन-फानन में नगर पालिका के लोग शिलापट्ट को उखाड़कर उठा ले गए।

गज़ब बेइज्जती: व्यंग्य की कलम से…

बलिया नगर पालिका परिषद की इस करतूत ने चेयरमैन साहब की इज्ज़त को कुछ ऐसे तार-तार कर दिया कि अब मोहल्ले का नल भी उनसे सवाल पूछ रहा होगा। सोचिए ज़रा, जनता पकड़ ले और कह दे – “जनाब! काम तो ढेला भी नहीं हुआ और आप शिलापट्ट गाड़कर नेता जी वाली पोज़ बना रहे थे?” … इससे बड़ी बेइज्ज़ती और क्या होगी। हाल ये रहा कि पुलिस की मौजूदगी में खुद के हाथों से लगाए गए शिलापट्ट को उखाड़कर बैलगाड़ी की तरह खींचकर ले जाना पड़ा। जनता ने भी तंज कसा – “चेयरमैन साहब, अगली बार शिलापट्ट घर के आंगन में ही लगवा लेना, कम से कम उखाड़कर भागने की नौबत नहीं आएगी।”
इस पूरे प्रकरण ने चेयरमैन की छवि को “विकासपुरुष” से सीधे “शिलापट्टपुरुष” में तब्दील कर दिया, और यह बेज्जती इतनी गजब रही कि अब चौपाल से लेकर शहर की चाय की दुकान तक सिर्फ एक ही चर्चा है – “बलिया में काम नहीं हुआ, पर चेयरमैन की पोल खुल गई।”

गज़ब बेइज्जती: जनता ने पूछा – “काम कहां है जनाब?”

कुँवर सिंह चौराहे पर जब छात्र-छात्राओं और कॉलेज प्रशासन की नजर शिलापट्ट पर पड़ी तो उन्होंने सीधा सवाल दागा – “भाई, यहां तो मूर्ति से लेकर सुंदरीकरण तक का सारा काम स्कूल ने कराया है, फिर नगर पालिका किस बात का श्रेय ले रही है?”
सवाल सुनते ही नगर पालिका के अधिकारियों के चेहरे का रंग उड़ गया और पुलिस की मौजूदगी में शिलापट्ट ऐसे उखाड़ा गया मानो भ्रष्टाचार की पोल-पट्टी वहीं खुलने वाली हो।

गज़ब बेइज्जती: विपक्ष का हमला –भ्रष्टाचार की तख्ती गाड़ना बंद करो

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और फेफना से विधायक संग्राम सिंह यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार और नगर पालिका पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा – “ये पूरा खेल भ्रष्टाचार का है। नगर पालिका प्रशासन सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग कर रहा है और जनता को दिखाने के लिए सिर्फ शिलापट्ट गाड़ रहा है।”

बलिया का यह मामला किसी ब्लॉकबस्टर स्क्रिप्ट से कम नहीं। सोचिए –

काम शून्य, शिलापट्ट करोड़ों का!

पहले पत्थर गाड़ दो, काम तो बाद में कभी भी हो जाएगा।

जनता सवाल करे तो “पत्थर उखाड़कर भाग जाओ” रणनीति अपना लो।

नगर पालिका ने साबित कर दिया है कि विकास की गाड़ी अब शिलापट्टों पर दौड़ रही है, ज़मीन पर नहीं।

गज़ब बेइज्जती: अब आगे क्या?

सवाल यह है कि क्या इस पूरे मामले पर कोई जांच होगी, या फिर यह भी “बलिया स्टाइल” में ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
जनता चाहती है जवाब, लेकिन नगर पालिका की रणनीति साफ है – “जवाब मत दो, पत्थर ही गायब कर दो।

यह खबर सिर्फ बलिया के भ्रष्टाचार की नहीं, बल्कि उस सिस्टम का आईना है जहां जनता के पैसों से ‘विकास के नाम पर’ सिर्फ शिलापट्ट खड़े किए जाते हैं और काम के नाम पर हवा में महल।

Trump Tariff Decision: ट्रंप को तगड़ा झटका! US कोर्ट ने टैरिफ को ठहराया गैरकानूनी