आगरा: होटल में हाई-टेक साइबर मीटिंग पर पुलिस का छापा, दुबई-ट्रेंड साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश
आगरा साइबर फ्रॉड की दुनिया से जुड़े एक खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। ताजगंज इलाके के एक होटल में चल रही गुप्त बैठक के दौरान पुलिस ने 8 सक्रिय सदस्यों को धर-दबोचा, जो देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। यह कार्रवाई साइबर सेल, सर्विलांस, साइबर काउंटर इंटेलिजेंस और ताजगंज पुलिस की संयुक्त टीमों ने अंजाम दी। छापेमारी में गैंग से भारी मात्रा में सामान भी बरामद हुआ, जो उनके संगठित अपराध के स्तर को उजागर करता है।
दुबई से ट्रेनिंग लेकर भारत में फैलाया था हाई-टेक फ्रॉड नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मुख्य संचालक दुबई में विशेष साइबर फ्रॉड ट्रेनिंग लेने के बाद भारत आया था और उसने एक व्यापक ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क तैयार किया। यह गिरोह विशेष एप्लिकेशन और विदेशी सर्वरों का इस्तेमाल कर देशभर के लोगों की वित्तीय जानकारियां चुराता और लाखों रुपये की ठगी करता था।
जब्त सामान और सबूत
पुलिस ने गिरोह से जो सामान बरामद किया, वह उनके काले कारनामों की पोल खोलता है:
42 एटीएम कार्ड
11 चेकबुक
9 मोबाइल फोन
नेपाली मुद्रा
एक कार
कई फर्जी दस्तावेज, बैंक पासबुक और डिजिटल डिवाइस
यह सामग्री साबित करती है कि यह गैंग केवल आगरा तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था।
WhatsApp ग्रुप के जरिए चलता था पूरा रैकेट
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह एक गोपनीय WhatsApp ग्रुप के माध्यम से संचालित होता था। हर सदस्य की भूमिका स्पष्ट थी:
बैंक खातों की व्यवस्था करने वाले को 2% कमीशन मिलता था।
खातों का इस्तेमाल मनी-लॉन्ड्रिंग और फ्रॉड मनी को रूट करने के लिए किया जाता था।
गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज और फिरोजाबाद तक फैला हुआ था।
गिरफ्तार आरोपी और उनका अपराध इतिहास
पकड़े गए आरोपियों के पास से मिले सबूत यह दर्शाते हैं कि वे पहले से ही कई गंभीर मामलों में वांछित थे:
साइबर ठगी
चोरी और धोखाधड़ी
आर्म्स एक्ट
फर्जी खातों के जरिए फंड सर्कुलेशन
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह एक बड़े, संगठित नेटवर्क का हिस्सा है, जिसका दायरा देश के कई राज्यों में फैला हुआ है।
होटल में हाई-टेक प्लानिंग मीटिंग
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने होटल में बैठकर बड़े साइबर फ्रॉड की योजना बना रखी थी। सर्विलांस टीम ने उनकी लोकेशन ट्रेस की और तुरंत संयुक्त कार्रवाई कर उन्हें मौके पर ही घेरकर गिरफ्तार किया।
मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की पड़ताल जारी
थाना ताजगंज में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और सप्लायर्स की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
एडीसीपी का बयान
एडीसीपी आदित्य कुमार ने बताया:
“यह गिरोह हाई-टेक तरीकों से बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहा था। इनके पास से बरामद सामग्री से प्रतीत होता है कि उनकी पहुंच देशभर में थी। पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है।”
आगरा पुलिस की इस भव्य कार्रवाई ने एक खतरनाक साइबर फ्रॉड गैंग को पकड़ कर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है। यह घटना लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी भी देती है कि डिजिटल दुनिया में भी अपराध अपने उच्चतम स्तर पर सक्रिय हैं।
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